ज्ञानपुर/औराई। जिले की तीनों तहसीलों में मंगलवार को संपूर्ण समाधान दिवस का आयोजन किया गया। इसमें आए 212 प्रार्थना पत्रों में महज 13 का निस्तारण मौके पर हो सका, जबकि 199 मामले लंबित रह गए। औराई तहसील में कमिश्नर योगेश्वर राम मिश्र और डीएम आर्यका अखौरी की अध्यक्षता में संपूर्ण समाधान दिवस आयोजित किया गया। समधा खास गांव का लेखपाल जंजीर की लंबाई नहीं बता सका। इसको लेकर कमिश्नर ने नाराजगी जताई। ईओ घोसिया को बिना सूचना के दो माह से अनुपस्थित रहने पर स्पष्टीकरण मांगा।
ज्ञानपुर तहसील में एसडीएम चंद्रशेखर और तहसीलदार देवेंद्र यादव की अध्यक्षता में संपूर्ण समाधान दिवस आयोजित किया गया। इसमें आए 65 प्रार्थना पत्रों में एक का भी निस्तारण नहीं हो सका। औराई संवाददाता के अनुसार, कमिश्नर योगेश्वर राम मिश्र और डीएम आर्यका अखौरी की अध्यक्षता में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में कुल 98 प्रार्थना पत्र आए, जिनमें 10 का निस्तारण हो सका। राजस्व के अधिक मामले आने पर कमिश्नर ने चिंता जताई और लापरवाह लेखपालों को सुधर जाने की नसीहत दी। समाधान दिवस के दौरान मंडलायुक्त और डीएम ने जमीन से जुड़े मामलों को लेकर जब समधा खास के लेखपाल को बुलाकर जंजीर की संख्या और एक जंजीर की लंबाई के बारे में जानकारी ली तो लेखपाल बता नहीं सका। इस पर मंडलायुक्त की त्योरी चढ़ गई। चेतावनी दी कि सब जानकारी ले लो, नहीं तो बर्खास्त कर दिया जाएगा। औरंगाबाद उगापुर कोठरा सहित कई गांवों के लेखपालों को हिदायत दी की वे अपनी कार्यशैली में बदलाव करें। बिजली विभाग के एक्सईएन को निर्देश दिया कि कनेक्शन के बाद भी जिन उपभोक्ताओं के तार नहीं जोड़े गए, उसे जुड़वाएं। मंडलायुक्त ने कहा कि 22 मार्च तक गांव में प्रधान के खिलाफ कई बिंदुओं के प्रार्थना पत्र आ सकते हैं, जिस पर नजर रखने की आवश्यकता है। गलत प्रार्थना पत्र देने वालों के खिलाफ कार्रवाई होगी। इस मौके पर सीडीओ भानु प्रताप सिंह, सीएमओ डॉ. लक्ष्मी सिंह, एसडीएम आशीष कुमार मिश्र आदि रहे। भदोही संवाददाता के अनुसार, तहसील में एसडीएम योगेंद्र कुमार की अध्यक्षता में संपूर्ण समाधान दिवस हुआ। यहां पर कुल 49 प्रार्थना पत्र आए, जिनमें से तीन का निस्तारण मौके पर किया जा सका। इनमें राजस्व के 24, पुलिस के 17, ब्लॉक के चार, पूर्ति के दो, सीएमओ का एक और नगर पालिका का एक प्रार्थना पत्र शामिल रहा।