ब्लॉक के कैंड़ा गांव में एकल ग्राम पेयजल योजना के तहत दो करोड़ की लागत बिछाई गई पाइप लाइन में जगह-जगह लीकेज खराब गुणवत्ता की गवाही दे रही है। सैकड़ों परिवार पेयजल संकट से जूझ रहे हैं। तीन वर्ष पहले बिछी पेयजल पाइपों लीकेज की भरमार है। नतीजतन गोंड व मिश्रान बस्ती के 400 लोगों को रोजाना पानी के लिए परेशान होना पड़ रहा है। वहीं, सुरियावां ब्लॉक के कैड़ा गांव की कुछ बस्तियों में ऊंचाई अधिक होने के कारण लोगों के घरों में पानी नहीं पहुंच रहा है। गांव में भूजल खारा है। इसके सेवन से लोगों के दांत खराब हो जा रहे है। वर्ष 2014-15 में सांसद आदर्श गांव में चयन होने के बाद तत्कालीन सांसद वीरेन्द्र सिंह मस्त की पहल पर एकल ग्राम पेयजल परियोजना के तहत पेयजल पंप बिछाई गई। गांव में पाइप लाइन बिछाने का कार्य 2020 में पूरा हुआ। इसमें 199.40 लाख की लागत आई। पाइप का जोड़ कमजोर होने की वजह से जगह-जगह से लीकेज बन गया। हजारों लीटर पानी सड़कों पर बहने लगा। लीकेज के कारण ही ऊंचाई पर बसी गोंड व मिश्रान बस्ती में पानी नहीं पा रहा है। लोगों को दूर-दूर से साइकिल ट्राली पर पानी लादकर लाना पड़ रहा है।
बार-बार मरम्मत से परेशान प्रधान
गांव की प्रधान पूनम तिवारी के अनुसार, पेयजल योजना के तहत लगभग 560 लोगों का कनेक्शन दिया गया। गुणवक्ता खराब होने से पाइप में लीकेज की समस्या हो जा रही है। कई बार व्यक्तिगत तौर मरम्मत कराई। पर्याप्त बजट न होने के चलते दोबारा मरम्मत कराने हिम्मत नहीं हो रही है। इस समस्या से उच्चाधिकारियों को अवगत कराया गया है। अब तक कोई पहल नहीं हुई है।
टंकी का पानी बस्ती तक नहीं पहुंचता है। जीवनयापन के लिए पानी लादकर लाना पड़ता है। हर वर्ष गर्मी में पानी की परेशानी झेलनी पड़ती है। - पवन मिश्रा, मिश्रान बस्ती, कैड़ा।
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बस्ती में भूजल खारा है। लोग पानी पीने से बचते है। बस्ती के लोग टैंकर के पानी पर निर्भर है। पानी की किल्लत के चलते बस्ती में कोई मांगलिक कार्यक्रमों का आयोजन नहीं कर रहा है। - सूरज गोंड, गोंड बस्ती, कैड़ा।