नगर पंचायत के नाले से भिदिउरा गांव में डूबे खेत।
नगर से निकलने वाले नाले के पानी ने भिदिउरा और भुड़की गांवों के किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। नाले के पानी को समुचित अंजाम न दिए जाने के कारण उसका दूषित पानी खेती की जमीन को डुबोए हुए है। इसके चलते लगभग दर्जनभर किसानों की 50 बीघे के आसपास जमीन पर पिछले दो वर्षों से खेती नहीं हो पा रही है। पिछली बार एक किसान ने मौका पाकर किसी तरह गेहूं की बुवाई कर दी, लेकिन उसकी फसल लगातार पानी लगे रहने के कारण सड़ गई।
ज्ञानपुर नगर से निकलने वाले मुख्य नाले को भिदिउरा और भुड़की गांवों की सीमा पर बरसाती पानी की निकासी के लिए बने पुराने छिछले नाले में मिला दिया गया है। इससे नगर की जलनिकासी का पूरा दबाव छिछला नाला नहीं झेल पाता। साथ ही नाले में जगह-जगह सिल्ट और झाड़-फानूस भी जमे हुए हैं। लिहाजा समूचा पानी का एक बड़ा हिस्सा आसपास के खेतों में बह जाता है। इससे लगभग 50 बीघे खेत दो साल से लगातार जलमग्न है। उस पर खेती नहीं हो पा रही। नगर पंचायत प्रशासन नाले को विकास भवन के पीछे तक पहुंचाने की बात कहता है, लेकिन सच तो यह है कि नाले का पानी बेलगाम ढंग से किसानों के खेतों को डुबो रहा है। इसके चलते प्रभावित किसानों में रोष बढ़ रहा है। 14 मई को मुख्यमंत्री के संभावित जनपद आगमन के मद्देनजर पीड़ित किसानों ने मुख्यमंत्री से गुहार लगाने और नगर के नाले को रोकने का मन बनाया है।
भिदिउरा गांव निवासी डॉ. राजकुमार पाठक कहते हैं कि नाले के किनारे उनका एक बीघे खेत है। लगातार दो सालों से जलमग्न होने के कारण बुवाई नहीं हो सकी। इससे भारी नुकसान हो रहा है। कुछ लोगों ने अपने बगीचे आदि को बचाने के लिए नाले को बांध दिया है। इससे सारा पानी किसानों के खेतों में बह रहा है। इसके लिए कई बार अधिकारियों से गुहार भी लगाई गई, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। पारसनाथ पाठक ने कहा कि इस बार पानी से थोड़ा मौका पाकर उन्होंने गेहूं की बुवाई कर दी, लेकिन उसके बाद शुरू हुए लगातार जलजमाव के सिलसिले से समूची फसल सड़कर नष्ट हो गई। चिंतामणि और राम रसीले पाठक ने कहा कि नाले के पानी से किसानों की मेहनत की कमाई बर्बाद हो रही है, लेकिन कोई ध्यान देने वाला नहीं है। अब ग्रामीण आंदोलन करेंगे। इसी तरह जिलाजीत विश्वकर्मा, लालजी मौर्या आदि के खेत भी डूबे हुए हैं।
किसानों की समस्या को देखते हुए नाले की सफाई पिछले दिनों ही कराई जा रही थी, लेकिन भिदिउरा के ग्राम प्रधान ने मनरेगा के तहत नाले की सफाई कराने की बात कही है। वह करवाएंगे तो ठीक वरना 15 जून से पहले हर हाल में नाले की सफाई करा दी जाएगी। -अली हसन, ईओ नगर पंचायत ज्ञानपुर