ज्ञानपुर। ग्रामीण क्षेत्र की खेल प्रतिभाएं अब खेल मैदान के अभाव में नहीं दबेंगी। मनरेगा के तहत हर ग्राम पंचायत में खेल के मैदान बनाए जाएंगे। यहां लगभग सभी प्रकार के खेलों का अभ्यास किया जा सकेगा। शुरुआती चरण में 25 ग्राम पंचायतों में दो-दो बीघे जमीन मिली है। सात ग्राम पंचायतों में काम शुरू हो गया है जबकि 19 का प्रस्ताव तैयार हो रहा है।
खेल को बढ़ावा देने के लिए केंद्र और प्रदेश सरकार की ओर से कई योजनाएं चलाई जा रही हैं। इसके बावजूद ग्रामीण अंचलों के खिलाड़ियों में प्रतिभा होने पर भी वह आगे नही बढ़ पाते हैं। इसकी प्रमुख वजह नियमित अभ्यास की कमी होती है। अधिकांश गांव में खेल मैदान नहीं है। ऐसे में ग्रामीण परिवेश के खिलाड़ियों की प्रतिभा निखर नहीं पाती। अब सरकार हर गांव में खेल मैदान की तस्वीर बदलेगी। इसके लिए मनरेगा योजना में दो से 14 लाख की रकम खर्च की जाएगी। शुरुआत में जिले की 546 ग्राम पंचायतों में 25 में दो-दो बीघे जमीन चिह्नित की गई हैं। ग्राम पंचायतें अपनी कार्ययोजना में खेल के मैदान बनवाने का प्रस्ताव शामिल करेंगी। मैदान के लिए जमीन भी चिह्नित करनी होगी। इसके बाद मनरेगा के तहत जमीन का समतलीकरण कराकर वहां खेल का मैदान बनाया जाएगा। मनरेगा की ओर से कराए जाने वाले कार्यों की सूची ग्राम पंचायतों को भेज दी गई है। उन गांवों को प्राथमिकता दी जाएगी, जहां खेल का मैदान नहीं है। खेल का मैदान इस तरह से विकसित किया जाएगा ताकि वहां हर तरह के खेल हो सकें।