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किताबों की कमी ने किया बंटाधार

Sun, 11 Sep 2016 02:08 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो , भदोही
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ज्ञानपुर
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शिक्षकों के अंतर्जनपदीय स्थानांतरण और किताबों की कमी ने परिषदीय स्कूलों में पठन-पाठन का बंटाधार कर दिया है। शिक्षा का आधा सत्र गुजर चुका है, लेकिन 80 फीसदी से अधिक पुस्तकें नहीं पहुंची हैं। शिक्षकों के स्थानांतरण से 70 से अधिक स्कूल एकल हो गए हैं, जिससे एक शिक्षक के सहारे कक्षाओं का संचालन करना कठिन हो गया है। 
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प्राथमिक और पूर्व माध्यमिक विद्यालयों में शैक्षणिक माहौल बेहतर करने के लिए सरकार भले ही करोड़ों रुपये हर साल खर्च कर रही है, लेकिन कारगर प्रशासनिक रणनीति न बनने से स्थिति यथावत बनी हुई है। वर्ष 2016-17 के शिक्षा सत्र में किताबों की कमी से जूझ रहे स्कूलों में अंतर्जनपदीय स्थानांतरण से शिक्षकों का टोटा हो गया है। इससे अप्रैल के बाद अब तक पठन-पाठन राम भरोसे ही चल रहा है। दूसरी तरफ आधी-अधूरी किताबों के सहारे ही स्कूलों में पढ़ाई हो रही है। पहली से आठवीं कक्षा 80 प्रतिशत किताबें अब तक नहीं पहुंचीं हैं। अप्रैल में शुरू हुए शिक्षा सत्र के बाद 20 अगस्त से किताबें  आनी शुरू हुईं। कक्षा एक की कलरव पुस्तक, कक्षा दो  की गिनतारा, कक्षा चार की अंग्रेजी की रेनबो, कक्षा छह की मंजरी, गणित की  किताबें ही बीआरसी पर आ सकी हैं। अब तक एक लाख किताबें आईं हैं। आधा सत्र गुजर चुका है, लेकिन 80 फीसदी पुस्तकें न आने  से पठन-पाठन प्रभावित हो रहा है। किताबों की कमी के साथ ही प्राथमिक और पूर्व माध्यमिक विद्यालयों से शिक्षकों के मनमाने स्थानांतरण से भी मुश्किलें खड़ी हो गईं हैं।
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