प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि का लाभ लेने के लिए तय की गई पात्रता की शर्तें किसानों के लिए चुनौती बनती जा रही हैं। जिले में पात्रता पूरी न करने पर सात साल में 63 हजार किसान लाभार्थी सूची से बाहर हो चुके हैं। अब तक अपात्रों (आयकर दाताओं) से लगभग 40 लाख रिकवरी की जा चुकी है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की शुरूआत वर्ष 2019 में हुई थी। इस योजना के तहत हर चार माह में दो-दो हजार रुपये दिए जाने की व्यवस्था है। यह निधि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में भेजी जाती है। योजना लागू होने के बाद सात साल में पारदर्शिता के लिए पांच नए नियम लागू किए गए। नियम लागू होते ही विभाग ने अत्याधुनिक कंप्यूटरीकृत प्रणालियों का इस्तेमाल करते हुए फिल्टर लगा दिए। फिल्टर लगने से लाभार्थियों की संख्या अलग-अलग वजहों से घटती चली गई। नियमों के लागू होने के बाद लाभार्थियों की संख्या 63़ हजार 209 तक घट गई। जिले में 2.46 लाख 520 किसानों को कम से कम एक बार किसान सम्मान निधि मिली। नियमों के कारण 1,83,311 किसान ही ऐसे हैं जिन्हें योजना की शुरूआत से लेकर अब तक लगातार सम्मान निधि की 23 किस्त मिली।
लाभार्थियों के घटने का ये हैं कारण
कृषि योग्य भूमि खरीदने वालों को सम्मान निधि नहीं मिल सकती है
आयकर दाताओं को सम्मान निधि देने पर रोक है।
पति पत्नी दोनों को सम्मान निधि नहीं दी जानी है।
विरासत के तौर पर नाम दर्ज होने के बाद भी मृत्यु प्रमाण पत्र दाखिल किए बिना सम्मान नहीं दिया जा सकता।
सात साल में ये नियम बदले गए
- आधार कार्ड अनिवार्य। (2020)-
-राशन कार्ड अनिवार्य। (2021)
- ई-केवाईसी अनिवार्य। (2022)
- आयकर दाताओं को सूची से बाहर करना (2022)-
-लाभ लेने वाले पति-पत्नी दोनों की किस्त रोकी गई। (2022)
- यूनिक किसान आईडी (फार्मर रजिस्ट्री)। (जनवरी 2026) अभी लागू नहीं
- जमीन की जमाबंदी और लगान रसीद का नियम (मार्च 2026) अभी लागू नहीं
नोट- फार्मर रजिस्ट्री के कारण अभी किसी की सम्मान निधि नहीं रोकी गई है। संभावना है कि 25वीं किस्त उसी के आधार ही जारी होगी।
-
एक नजर आंकड़ों पर
एक किस्त पाने वाले 2,46,520 किसान
एक से ज्यादा किस्त पाने वाले 2,26,980 किसान
अब तक किस्त पाने वाले 1,83,311 किसान
आयकर दाता होने के कारण 2545 किसानों की सम्मान निधि रोकी गई।
3200 किसानों की सम्मान निधि इसलिए रोक दी गई कि लाभार्थी पति-पत्नी थे।
छह हजार किसानों की सम्मान निधि उनके मृत हो जाने के कारण रोक दी गई।
15 हजार किसानों की सम्मान निधि इसलिए रोक दी गई क्योंकि उनके अभिलेख दो-दो लगे थे।
2019 के लोस चुनाव में गेम चेंजर बनी थी योजना
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की शुरूआत वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले की गई थी। उस समय किसानों के खातों में योजना के तहत पहली किस्त के दो-दो हजार रुपये भेजे गए थे। इससे चुनाव में भाजपा को फायदा हुआ था। राजनीतिक विश्लेषकों का उस समय यही मानना था कि 2019 के लोकसभा चुनाव में किसान सम्मान निधि गेम चेंजर साबित हुई।
क्या बोले किसान
- 2019 से मुझे सम्मान निधि का लाभ मिल रहा था। 2025 में अचानक किस्त आनी बंद हो गई। जब कृषि विभाग से संपर्क किया गया तो पता चला कि पति पत्नी, दोनों को निधि नहीं दी जा सकती। इसलिए रोक लगा दी गई।- राजमनि गुप्ता, कलीपुर।
-
- 2019 से किसान सम्मान निधि का लाभ मिल रहा था। 22वीं और 23वीं किस्त नहीं मिली। किन कारणों से रूका है स्पष्ट नहीं हो सका है। कभी सर्वर तो कभी अन्य कारणों का हवाला दिया जाता है।- हुबलाल, बड़ागांव।
वर्जन
अपात्राें को चिह्नित करने की प्रक्रिया और नए पात्रों को जोड़ने का काम लगातार चलता रहता है। अपात्र पाए गए लोगों से खासतौर से आयकर दाताओं से लगभग 40 लाख रिकवरी की जा चुकी है। जो लोग अपात्र मिलते हैं उनकी सम्मान निधि रोककर शासन को सूचना भेज दी जाती है। किसान सम्मान निधि से जुड़ी कोई भी जानकारी ब्लॉक स्तर पर बने कार्यालयों से लेकर जिला मुख्यालय स्थित उपनिदेशक कृषि के कार्यालय में भी की जा सकती है। -डॉ. राम प्रवेश, उपनिदेशक कृषि।