ज्ञानपुर। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कोर्ट नंबर तीन की अदालत ने नाबालिग के अपहरण, बलात्कार के दोषी को बुधवार को आजीवन कारावास और 80 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। इसके अलावा अपहरण में सहयोग करने के दोषी दो युवकों को पांच साल कैद की सजा दी गई। कोइरौना थानाक्षेत्र में तीन साल पहले यह घटना हुई थी।
अभियोजन के अनुसार, 12 जुलाई 2013 की रात कुछ लोग 14 साल की बालिका का अपहरण कर मिर्जापुर उठा ले गए थे। वहां बालिका से दुष्कर्म करने के बाद उसे घर के पास लाकर छोड़ दिया था। पीड़ित की मां ने मुख्य आरोपी अरविंद यादव के खिलाफ 363, 366, 3/4 पाक्सो एक्ट और सहयोग करने वाले युवक बबलू और दारा के खिलाफ अपहरण का मुकदमा दर्ज कराया था। विवेचना के बाद पुलिस ने न्यायालय में अभियुक्तों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया। बुधवार को न्यायालय में सुनवाई केेे दौरान अभियोजन की ओर से छह गवाह पेश हुए।
अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश चंद्रशेखर प्रसाद ने बलात्कार के दोषी अरविंद यादव को आजीवन कारावास और 80 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। आरोपी का सहयोग करने वाले बबलू और दारा को पांच-पांच वर्ष के कारावास और 30-30 हजार रुपये जुर्माने से दंडित किया गया। अभियोजन की ओर से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता धीरज शुक्ला ने पैरवी की।