ज्ञानपुर। पति-पत्नी के आपसी तनाव, गलत फहमियों और घरेलू विवादों के कारण टूटते रिश्तों को सहेजने में परिवार परामर्श केंद्र अहम भूमिका निभा रहा है। संवेदनशील मामलों में संवाद और काउंसिलिंग के जरिये परिवारों को एकजुट रखने का काम केंद्र कर रहा है। पति और पत्नी के झगड़े तेजी से बढ़ रहे हैं। छोटे-छोटे मामले भी इतने बड़े हो जा रहे हैं कि उसमें पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ रहा है। बीते छह महीने में पति-पत्नी के बीच 305 झगड़े परामर्श केंद्र पहुंचे। इनमें से 167 विवादों का निस्तारण किया गया। इसमें 150 ऐसे दंपती हैं, जिनके रिश्ते टूट गए थे लेकिन परिवार परामर्श केंद्र उन रूठे दिलों के लिए संजीवनी साबित हुआ। परामर्श केंद्र की मदद से ऐसे जोड़े एक बार फिर साथ रहने की कसमें खाकर घर बसा लिए हैं। परिवार परामर्श केंद्र प्रभारी सीमा सिंह बताती हैं कि किसी भी दंपती को अपने बीच हुई छोटी-छोटी बातों को अपने परिजनों से नहीं कहनी चाहिए। इन्हीं बातों की वजह से कई बार बात ज्यादा बिगड़ जाती है, जिससे रिश्ते टूटने की कगार पर आ जाते हैं। अच्छा यही होता है कि एक-दूसरे की बातों को नजरअंदाज करते चलें। दोनों को एक-दूसरे की भावनाओं का सम्मान करना चाहिए। यदि किसी बात को लेकर कहासुनी बढ़ रही हो तो पति-पत्नी में से एक को शांत हो जाना चाहिए। इन्हीं छोटी-छोटी बातों को ध्यान में रखकर परिवार को टूटने से बचाया जा सकता है।