ज्ञानपुर/चौरी। कंधिया रेलवे फाटक पर निर्माणाधीन रेलवे ओवरब्रिज का काम चार माह से अटका हुआ है। 84 करोड़ की लागत से बनने वाले पुल के निर्माण को लेकर दो कार्यदायी संस्थाओं के बीच मामला उलझ गया है। सेतु निगम और एनएचएआई के बीच निर्माण को लेकर अभी तक सहमति नहीं बन पाई है, जिसका खामियाजा आमजन को भुगतना पड़ रहा है। मामला प्रमुख सचिव तक पहुंच गया है। वहीं, पीडब्ल्यूडी के नोडल अधिकारी ने भदोही-वाराणसी मुख्य सड़क को बहाल करने के लिए सेतु निगम को पत्र भेजा है। सीएम योगी आदित्यनाथ ने 2021 में वाराणसी से ही विभिन्न परियोजनाओं के साथ उत्तर रेलवे के जंघई-वाराणसी रेल खंड स्थित कंधिया फाटक पर ओवरब्रिज की घोषणा की थी। शासन की ओर से कंधिया फाटक पर ओवरब्रिज निर्माण को 84 करोड़ रुपये मंजूर किए गए थे। बीते आठ दिसंबर को मुख्य कार्यदायी संस्था सेतु निगम ने कंधिया फाटक पर ओवरब्रिज का निर्माण शुरू कराया गया। निर्माण को लेकर भदोही-वाराणसी मुख्य सड़क को एक साल के लिए डायवर्ट भी किया गया। पुल निर्माण में सेतु निगम के जिम्मे पुल के 41 पिलर और उत्तर रेलवे प्रशासन के जिम्मे चार पिलर आया। इस बीच दिसंबर 2022 के आखिरी दौर में जौनपुर मछलीशहर वाया भदोही-वाराणसी हाईवे की स्वीकृति मिली। जिससे ओवरब्रिज के अधिकांशत: भाग हाइवे के दायरे में आ गये। अब इसी को लेकर सेतु निगम व हाईवे प्राधिकरण के बीच मामला उलझ गया है। हाइवे प्राधिकरण पुल के निर्माण की बात कह रहा है। वहीं सेतु निगम शासन के निर्देशानुसार कार्य करने की बात कह रहा है। इस बीच मामला शासन तक पहुंच गया। जिससे पुल निर्माण कार्य बीच में ही अटक गया। कार्यदायी संस्थाओं को शासन के निर्देश का इंतजार है।
भदोही-वाराणसी मार्ग की बहाली को लिखा पत्र
अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग एसबी राव ने कहा कि ओवरब्रिज का निर्माण शासन की अनुमति के बाद ही हो सकेगा। इधर ओवरब्रिज निर्माण के लिए डायवर्ट हुई सहायक सड़कें आवागमन के भार को नहीं झेल पा रही हैं। प्रतिदिन पांच-छह लोग दफ्तर आकर शिकायत दर्ज करा रहे हैं। भदोही-वाराणसी मुख्य सड़क पर लगे बैरिकेडिंग को हटवाकर आवागमन व्यवस्था बहाल करने पर विचार किया जा रहा है। विभाग ने सेतु निगम को पत्र भेजकर भदोही-वाराणसी मुख्य सड़क से आवागमन बहाल कराने संबंधित जवाब मांगा है। पत्र का जवाब आने पर सड़क को आवागमन के लिए खोलवाया जाएगा।
लगाना होता है 15 किमी अतिरिक्त चक्कर
चौरी। भदोही-वाराणसी मुख्य मार्ग पर रूट डायवर्जन के कारण निजी बस संचालकों समेत व्यापारियों, छात्र-छात्राओं और आम जनमानस त्रस्त हो चुके हैं। वाहन चालक सुनील, करिया, गोली, दिलीप ने बताया कि सवारियों के इंतजार में पूरे दिन बर्बाद हो रहा है। लंबी दूरी के रास्ते पर डीजल भी अधिक जलते हैं और अधिक भाड़ा अधिक मांगने पर विवाद शुरु जाता है। अनिल सिंह आदि ने कहा कि निर्माण ठप होने के बावजूद इन दिनों गेटमैन जबरन बोल्डर बीच सड़क पर देते हैं। डायवर्ट रुट बरदहा पाल चौराहा से कपसेठी, कालिका धाम पहुंचने में 15 किमी का अतिरक्ति चक्कर लगाना पड़ता है।