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कमलाकांत हत्याकांड : पांच टीमें गठित, पुलिस ने दी दबिश

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ज्ञानपुर। भदोही कोतवाली के घसकरी गांव निवासी कमलाकांत दुबे हत्याकांड में दो आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की पांच टीमें गठित की गई हैं। शुक्रवार को भदोही, औराई के कुछ गांव में पुलिस टीमों ने दबिश दी लेकिन आरोपी पकड़ में नहीं आए। पुलिस के मुताबिक दोनों आरोपियों ने दूसरे जिले में शरण ली है। वे लगातार अपना ठिकाना बदल रहे हैं। घटना के दूसरे दिन घसकरी गांव में माहौल गमगीन रहा। भदोही कोतवाली के घसकरी गांव निवासी कमलाकांत दुबे गांव में ही क्लीनिक चलाते थे। वे गांव में प्रधान मनीष यादव के द्वारा किए गए भ्रष्टाचार की जिलाधिकारी से की थी। मामले में जांच के बाद भ्रष्टाचार की शिकायत सही मिली। बुधवार को जिला मजिस्ट्रेट ने प्रधान के वित्तीय अधिकार को सीज कर दिया था। वहीं कमलाकांत की शिकायत पर ही पुलिस ने प्रधान के बड़े भाई मेहीलाल को बुधवार को ही 151 में चालान कर गिरफ्तार किया था। उससे बौखलाए प्रधान के भतीजे ने कार से शटर व वाहन के बीच कुचलकर वाहन बैक कर फरार हो गया। इससे कमलाकांत की मौत हो गई थी। पुलिस ने घटना के बाद ही प्रधान मनीष यादव और उसके भाई मेहीलाल को गिरफ्तार कर लिया लेकिन कार से कमलाकांत को कुचलने वाले आरोपी सुजीत यादव और मुन्नालाल को अभी तक नहीं पकड़ सकी। पुलिस अधीक्षक अभिमन्यु मांगलिक ने कहा कि सर्विलांस, एसओजी समत पुलिस की पांच टीमें गठित की गई है। जांच टीमों ने कई स्थानों पर दबिश भी दी। उन्होंने बताया कि आरोपी जिले में नहीं है। उनका लोकेशन ट्रैक किया जा रहा है। वह बराबर ठिकाना बदल रहे हैं। जल्द ही दोनों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। वहीं दूसरी ओर कमलाकांत के घर पर शुक्रवार को संवेदना प्रकट करने वालों का तांता लगा रहा। कई राजनीतिक दलों के पदाधिकारी भी मौके पर पहुंचे। भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने वाले घसकरी गांव निवासी कमलाकांत दूबे की हत्या हो गई। शुक्रवार को कमलाकांत का एक पुराना वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसमें वह पुलिस और प्रशासन पर गंभीर आरोप लगा रहे हैं। कहा कि पूर्व में प्रधान और उसके घर वालों ने कई बार धमकाया था। कहा था कि कमलाकांत तुम्हें भिखारी बना दूंगा। इसमें थाने की पुलिस भी निष्क्रिय रही। वायरल वीडियो में उन्होंने भदोही तहसील के अफसरों पर भी भ्रष्टाचार का आरोप लगाया। अब सवाल यह है कि कमलाकांत जीते जी जो काम नहीं कर सके, क्या पुलिस और प्रशासन उनकी मौत के बाद भ्रष्टाचार करने वालों से सख्ती से निपटेगी।
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