जिले के रामपुर गंगा घाट पर पौराणिक महत्व वाले कार्तिक पूर्णिमा के मौके पर स्नान के लिए रविवार की शाम तक पड़ोसी जिले के स्नानार्थियों का बड़ी संख्या में जत्था रामपुर पहुंच गया। इसके अलावा गोपीगंज नगर और आस-पास के ग्रामों में लोगों के घरों पर रिश्तेदार स्नाना र्थियों की तादाद पहुंच गई है।
कार्तिक पूर्णिमा पर स्नान के मद्देनजर रामपुर घाट से लेकर गोपीगं ज तक जुटने वाली भीड़ के मद्देनजर प्रशासन ने भी कमर कस ली है, रविवार की शाम तक तैयारी पूरी कर लिया।
एसडीएम केशवनाथ गुप्त ने देर शाम रामपुर घाट पर पहुंचकर तैयारियां का जाए जा लिया। उन्होंने मातहतों को तैयारी के संबंध में आवश्यक दिशा निर्देश भी दिया।
रविवार की शाम करीब छह बजे के बाद चौराहे और पड़ाव से लेकर रामपुर गंगा घाट तक जाने वाला मार्ग स्नानार्थियों से भरा रहा। इसके मद्देनजर प्रशासन की ओर से सात थानों की पुलिस तैनात कर दी गई है। इसके अलावा प्रशासन की ओर से कई अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई है। एसडीएम ने बताया कि गंगा घाट को समतल कराकर स्नानार्थियों को स्नान के लायक बना दिया गया है, गहरे पानी में जाने से रोकने के लिए बैरिकेडिंग कराई गई है।
घाट पर रविवार की शाम से ही प्रकाश की व्यवस्था की गई है, 24 घंटे लगातार बिजली आपूर्ति के लिए निर्देशित किया गया है। आवागमन के लिए सड़क की पैचिंग कराकर दुरूस्त करा दी गई है।
मालूम हो कि कार्तिक पूर्णिमा का रामपुर गंगा घाट पर पौराणिक महत्व की मान्यता होने से इस घाट पर स्नान के लिए मिर्जापुर, जौनपुर, इलाहाबाद, वाराणसी, चंदौली के अलावा अन्य स्थानों से स्नान के लिए श्रद्घालु आते हैं। इस दौरान महिलाएं गृहस्थी की सामग्रियां भी खरीदती है।