डीएम को ज्ञापन देकर कलेक्ट्रेट से बाहर निकलता डाक सेवक अभ्यर्थी। संवाद
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ज्ञानपुर। क्षेत्र के सदौपुर निवासी महेश कुमार शुक्ला ने सोमवार को जिलाधिकारी आर्यका अखौरी को प्रार्थना पत्र देकर न्याय की मांग की। इस दौरान आरोप लगाया कि वह नौ वर्ष से डाक विभाग और चयन समिति के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहें हैं लेकिन उन्हें अभी तक न्याय नहीं मिल सका है। महेश ने बताया कि 28 अगस्त 2012 को डाक विभाग की ओर से डाक सेवक पद के लिए आवेदन मांगा गया था। इसके बाद उन्होंने सभी औपचारिकताएं व अहर्ताएं पूरी की लेकिन पश्चिमी मंडल डाक वाराणसी प्रशासन ने मनमानी पूर्वक दूसरे गांव की निवासी एक महिला अभ्यर्थी को नियुक्ति दे दी। बताया कि इस मामले में की गई अनियमितता की जांच कराने के लिए उन्होंने चार अप्रैल 2021 को मुख्यालय पर अनशन शुरु किया। इसके बाद उस दौरान तत्कालीन जिलाधिकारी रहें राजेंद्र प्रसाद ने मामले को स्वत: संज्ञान में लेकर तीन सदस्यीय जांच टीम गठित कर दी। लेकिन टीम में शामिल डाक अधीक्षक, तहसीलदार भदोही और बीडीओ सुरियावां ने बिना जांच किए ही पक्षपात पूर्वक जांच रिपोर्ट डीएम को सौंप दी थी। बताया कि जांच समिति की भ्रष्टाचार नीति से पात्र परेशान है। इस दौरान महेश ने चेतावनी भी दी है कि 31 जुलाई तक नई समिति का गठन कर न्याय नहीं मिला तो 15 अगस्त के दिन जिला मुख्यालय के सामने आत्मदाह करेंगे। महेश कुमार शुक्ला के साथ विजयकांत तिवारी, सुनील, संतोष, ओमप्रकाश शुक्ला, आनंद आदि भी रहे।