। भदोही नगर में करीब 10 माह पूर्व रेप की शिकार एक युवती न्याय के लिए भटक रही है। चार माह से अल्पावास गृह गोपीगंज में एक-एक दिन बोझ की तरह कट रहे हैं। पुलिस इस प्रकरण में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर अपनी पीठ थपथपा रही है, लेकिन मुख्य आरोपी अब भी पुलिस के हाथ नहीं लग सका है। लोकलाज के भय से घरवालों ने भी उसे नहीं अपनाया।
करीब 10 माह पूर्व भदोही में सिलाई-कढ़ाई केंद्र पर कढ़ाई सीखने के लिए जाने वाली युवती से वहीं के युवक ने जबर्दस्ती की थी। लोकलाज के भय से युवती ने घटना का जिक्र कहीं नहीं किया। उसके बाद युवक उसे ब्लैकमेल कर उसके साथ अक्सर दुराचार करता रहा। मामला तब बिगड़ा, जब युवती गर्भवती हो गई। पीड़िता ने यह बात किसी को नहीं बताई। लेकिन, जब वह गर्भवती हुई तो केंद्र पर आने वाली तीन महिलाओं को इसकी जानकारी दी।
महिलाओं ने उसे आरोपी युवक के साथ शादी का मशविरा दिया। पीड़िता ने बताया कि आरोपी सोनू पहले शादी के लिए तैयार हुआ, लेकिन बाद में गर्भपात कराने की कोशिश करने लगा। इसके बाद शादी करने का झांसा देकर सूरत ले गया और वहां भी गर्भपात कराने की कोशिश करता रहा। शादी का दबाव डालने पर वापस आया और भदोही स्टेशन पर मुझे छोड़कर भाग गया।
जब पीड़िता को आरोपी सूरत लेकर गया था, तब उसके परिवारीजनों ने आरोपी सहित तीन लोगों पर अपहरण का मुकदमा दर्ज कराया था।
भदोही वापस आने पर पीड़िता पुलिस के पास गई, लेकिन पुलिस ने उक्त मुकदमे में रेप की धारा नहीं बढ़ाई। पीड़िता के घरवालों ने भी पीड़िता को अपने साथ ले जाने से मना कर दिया। तब पीड़िता ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया, जहां कोर्ट के आदेश पर पीड़िता को पिछले चार महीने से गोपीगंज के अल्पावास गृह में रखा गया है। रविवार को पीड़िता ने एक बच्ची को जन्म दिया। अब वह अपने और अपनी नवजात बिटिया के लिए न्याय की मांग कर रही है। लेकिन, उसकी सुध लेने वाला कोई नहीं है। पीड़िता का आरोप है कि सिलाई कढ़ाई केंद्र की वह तीन महिलाएं भी दोषी हैं। क्योंकि उन्हीं के बहकावे में आकर वह सोनू से शादी के लिए तैयार हुई थी।