जिले में ठंड रिकॉर्ड तोड़ रही है। स्थिति यह है कि शुक्रवार को बीते पांच सालों में तीन जनवरी का सबसे न्यूनतम तापमान दर्ज किया गया। सर्द हवाओं और कड़ाके की ठंड के बीच जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है।
शुक्रवार को दिनभर भगवान भास्कर के दर्शन नहीं हुए। न्यूनतम तापमान 8.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं कोहरे में सड़कों पर 40 मीटर दृश्यता रही।
जिले में बीते चार दिनों से हाड़कंपाऊ ठंड पड़ रही है। नये साल की शुरुआत से ठंड ने ऐसा कहर ढाया है कि लोग घरों में दुबके नजर आ रहे हैं। शुक्रवार को दिनभर आसमान में काले बादल छाए रहे। सुबह कोहरे की चादर तनी रही। स्थिति यह रही कि हाईवे से लेकर संपर्क मार्गों तक वाहन रेंगते नजर आए।
जिले में ठंड का कहर ऐसा है कि बीते पांच सालों का रिकॉर्ड टूट गया है। बीते पांच सालों में कभी भी न्यूनतम पारा नौ डिग्री से नीचे नहीं गिरा, लेकिन इस बार तापमान की स्थिति ऐसी है कि न्यूनतम तापमान 8.7 डिग्री तक पहुंच गया है।
इससे पहले तीन जनवरी को सबसे कम तापमान साल 2021 में देखा गया, जब न्यूनतम पारा 9.1 डिग्री दर्ज किया गया। शाम छह बजे के बाद ग्रामीण सड़कों पर सन्नाटा पसर गया। वहीं नगरों में भी आठ बजे के बाद कम लोग ही दिखे। शीतलहर के कारण लोग घरों में दुबके रहे।