सिमी की पत्रिका का रह चुका है सह संपादक
दोषी शहबाज कालीन निर्यातक था। यह भी बताया जाता है कि प्रतिबंधित संगठन स्टूडेंट इस्लामिक मूवमेंट आफ इंडिया (सिमी) की पत्रिका का 2005-06 में सह संपादक भी रह चुका है। फिलहाल पुलिस रिकार्ड में अब यह किसी संगठन व पार्टी से नहीं जुड़ा है। इसके पिता की मौत हो चुकी है, मां ही घर की मुखिया है। इससे छोटा भाई कालीन का काम करता है, लेकिन वह इससे अलग रहता है।
बोले अधिकारी
विशेष न्यायालय में मुकदमे के दौरान शहबाज की भदोही कोतवाली में बराबर हाजिरी भी लगती रही। न्यायालय में सुनवाई के दौरान नोटिस जारी होते ही उसे जयपुर पुलिस की सुपुदर्गी में दे दिया गया था। पुलिस संदिग्ध लोगों व उनके संबंधियों पर लगातार नजर रखती है। - अभिमन्यु मांगलिक, पुलिस अधीक्षक, भदोही