डीघ ब्लाक के इटहरा गांव स्थित समूह पेयजल योजना पांच वर्ष से ठप पड़ी है। ग्रामीणों की शिकायत के बावजूद जलनिगम इसे चालू कराने की फिलहाल कोई कवायद नहीं कर रहा। इससे ग्रामीणों में नाराजगी है। डीघ का कोनिया क्षेत्र के ग्रामीण आर्सेनिक युक्त पानी की समस्या से जुझ रहे हैं। आश्चर्य की बात यह है कि सपा सरकार से बंद पड़ी समूह पेयजल योजना को भाजपा सरकार भी चालू नहीं करा सकी। तीन ओर से गंगा नदी की धाराओं से घिरने वाली दर्जनों गांव तटवर्ती हैं जहां का भूजल दूषित है। हैंडपंपो से निकलने वाला पानी जहरीला और आर्सेनिक युक्त है। कई ऐसे भी गांव हैं जहां के हैंडपंप से पानी निकलता है लेकि थोड़ी देर में पीला और दुर्गंधयुक्त हो जाता है। इटहरा निवासी समाजसेवी कमलाशंकर मिश्र बताते हैं कि इटहरा पेयजल योजना से इटहरा, कूड़ीकला, कूड़ीखुर्द, भदरांव, धनतुलसी, कलातुलसी, सहित कलिकमवैया तक आपूर्ति हुआ करती थी लेकिन विभागीय लापरवाही के चलते बीते पांच वर्षों से योजना बंद पड़ी है। क्षेत्रीय लोग योजना को चालू कराने के लिए उच्चाधिकारियों से बार-बार शिकायत की लेकिन पेयजल योजना को सुधारा नहीं जा सका है जिसके कारण दर्जनों गांवों के लोग शुद्ध पेयजल के लिए परेशान हैं और हजारों की आबादी दूषित जल पीने को मजबूर है। आपरेटर नागेंद्र बहादुर ने बताया कि सारी समस्या का कारण पाइप लाइन है। क्षेत्र के सुरेश मिश्रा, विधानचंद्र दूबे, पंकज, विनोद तिवारी, विवेक तिवारी, संजय सिंह आदि ने कहा कि डीएम ने मामले में उचित कदम नहीं उठाया तो क्षेत्रवासी प्रदर्शन के लिए विवश होंगे।