कार्पेट एक्सपो मार्ट में अंतराष्ट्रीय कालीन मेले में कालीन देखते बायर। संवाद
भदोही। अंतरराष्ट्रीय कालीन मेले में इस बार भले ही स्टॉल कम लगे हों लेकिन निर्यातक टैरिफ की चुनौतियों के बीच एक से बढ़कर एक नायाब कालीन लेकर पहुंचे हैं। मेले में कश्मीर के ईरानी डिजाइन वाली कालीन इस्कहान की खूब चर्चा रही। एक करोड़ 50 लाख गांठों वाली इस कालीन की कीमत 21 लाख 60 हजार रुपये है। कश्मीरी निर्यातक मेहराज यासीन ने दावा किया कि यह इस अंतरराष्ट्रीय कालीन मेले की सबसे महंगी कालीन है। बताया कि इस कालीन में एक इंच में 576 नॉट लगी हैं। 12 बाई 18 फीट की यह कालीन रसियन खरीदारों को खूब लुभाती है। बताया कि इसे तैयार करने के लिए पांच कुशल कारीगर 26 महीने तक लगे रहे। शुद्ध सिल्क की बनी इस कालीन की डिजाइन ईरान के इस्काहान शहर से ली गई है। इससे इस कालीन का नाम इस्कहॉन पड़ा है। बताया कि इस तरह की कालीन अब तैयार करना बड़ी चुनौती हो गई है क्योंकि कुशल बुनकर लगातार कम होते जा रहे हैं। ऐसे में अगर इस तरह की कालीनों को तैयार करना है तो सबसे पहले हमें पांच ऐसे बुनकरों की तलाश करनी होगी जो एक जगह मौजूद रहकर लगातार पांच महीने तक इसका कार्य कर सकें। बताया कि यह एक रसियन साइज है। नईबाजार। कश्मीरी बुनकरों की कुशल कारीगरी का एक और जीता जागता उदाहरण इसी स्टॉल पर लगी एक और कश्मीरी कालीन रही। ईरानी डिजाइन की यह कालीन देखने में नायाब थी। 6 बाई 4 फीट के इस कालीन में करीब 60 तरह के पशु-पक्षियों के चित्र ऐसे उकेरे गए हैं। देखने में ऐसा लगा कि मानों वे अभी बोल दें। मेहराज यासीन ने बताया कि इसकी बुनाई आम कारीगरों की बात नहीं है। कोई मजा हुआ कारीगर अपनी विदाई लेना चाहता है तो वह इस तरह की कालीन तैयार करता है, ताकि लोग उसे याद रखें। बताया कि इसे दो कुशल कारीगरों ने नौ महीने में बुना है। संवाद