जांच दल के अधिकारियों ने शिकायतकर्ता सभासदों से बात करने के बाद नौ मोहल्लों में जाकर स्थलीय निरीक्षण किया। जांच करते करते शाम हो जाने पर अधिकारी लौट गए। हालांकि उन्होंने 24 जनवरी के बाद जांच के लिए पुन: आने की बात कही।
गत वर्ष अगस्त में पालिका के 15 असंतुष्ट सभासदों ने मंडलायुक्त से मिल कर नगर पालिका द्वारा कराए गए लगभग 37 मार्गों के निर्माण में भारी अनियमितता की शिकायत करते हुए स्थलीय जांच कराने की मांग की थी।
मंडलायुक्त ने उक्त शिकायती पत्र जिलाधिकारी प्रकाश बिंदु को भेज कर मामले की गंभीरतापूर्वक जांच कराकर आख्या मांगी थी।
डीम ने जांच के लिए मुख्य विकास अधिकारी आरपी मिश्र के नेतृत्व तीन सदस्यीय दल को जांच के लिए भेजा जो गुरुवार को भदोही नगर पालिका पहुंची।
जांच दल ने पहले सड़कों की सूची को अधिशासी अधिकारी से मिलान कराया, जिसमें केवल 15 मार्गों की ही पुष्टि हो सकी। इसके बाद अधिकारियों ने नगर पालिका में असंतुष्ट सभासदों के साथ बैठक कर उनकी शिकायतें सुनी।
सभासदों की ओर से हसनैन अंसारी, शफीक अहमद, शाहिद एकराम, हफीजुल्लाह शाह, दीपू विश्वकर्मा आदि ने पक्ष रखा। उन्होंने बताया कि मार्ग निर्माण के मानकों को पूरा नहीं किया है।
मनमाने ढंग से चहेते ठेकेदारों से काम कराया गया है। सड़क निर्माण में मिट्टी, गिट्टी, और बालू का सही मिश्रण नहीं होने से सड़कें समय पूर्व ही क्षतिग्रस्त हो गई हैं।
इस दौरान कुछ ठेकेदारों ने हस्तक्षेप करने का प्रयास किया जो सीओ ने उन्हें रोका।
सभासदों से वार्ता करने के बाद जांच दल के सदस्य वार्ड नंबर 16 के कजियाना और कोतवाली के पीछे गए और इंटरलाकिंग उखाड़ कर जांच की। वार्ड नंबर 6 के जलालपुर भी गए जहां धंसी इंटरलाकिंग सड़कें सभासदों ने दिखाई।
जांच के दौरान नगर पालिका प्रांगण सहित मोहल्लों में भारी मजमा लग गया था। लोग अधिकारियों के साथ साथ घूमते रहे। शाम होने पर सीडीओ ने कहा कि जांच कार्य पूरा नहीं हो सका है।
उन्होंने 24 जनवरी के बाद पुन: आने की बात कही। जांच दल में सीडीओ के अलावा लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता, दयाराम व जिला नगरीय विकास अभिकरण के परियोजना निदेशक, संत कुमार भी थे। जांच के दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए सीओ भदोही एपी सिंह भारी पुलिस बल के साथ मौजूद थे।