लखनऊ से वाराणसी जा रही इंटरसिटी एक्सप्रेस का इंजन बृहस्पतिवार को मोढ़ स्टेशन के पूर्वी सिग्नल के समीप पटरी से उतर गया। ट्रेन की रफ्तार बेहद धीमी होने के कारण बड़ा हादसा नहीं हुआ और सभी यात्री सुरक्षित रहे। विगत दिनों उसी स्थान पर मालगाड़ी के वैगन पलटने के कारण खराब हुए ट्रैक की मरम्मत कर रहे मशीन की सहायता से इंजन को पटरी पर रखकर ट्रेन को रवाना किया गया। उधर रेलवे के अधिकारियों ने ट्रेन के पटरी से उतरने की घटना से इनकार किया।
लखनऊ से चलकर वाराणसी जाने वाली इंटरसिटी एक्सप्रेस शाम करीब 6:45 बजे मोढ़ स्टेशन के पूर्वी सिग्नल के समीप पहुंची थी। दो माह पूर्व उसी स्थान पर एक मालगाड़ी के कई वैगन के बेपटरी हो जाने के कारण वहां ट्रैक मरम्मत का काम लंबे समय से चल रहा है। इसके कारण ट्रेनों को कॉशन के सहारे धीमी गति से गुजारा जाता है। इंटरसिटी भी बेहद धीमी गति से जा रही थी। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक इसी बीच ट्रेन के इंजन का चक्का पटरी से उतर गया। इसके बाद चालक के हाथ-पांव फूल गए। हालांकि गति बहुत धीमी होने के कारण चालक ने ट्रेन रोक दी। बताते हैं कि वहां काम कर रहे जेसीबीनुमा मशीन की मदद से फौरी तौर पर इंजन को पटरी पर किया गया। इसके बाद सात बजे के बाद ट्रेन को धीरे-धीरे वहां से रवाना किया गया। हालांकि इस दौरान अन्य ट्रेनो का संचालन प्रभावित नहीं हुआ। दूसरी तरफ रेलवे के अधिकारियों ने इससे इनकार किया। मोढ़ स्टेशन मास्टर एएन त्रिपाठी ने कहा कि गाड़ी का इंजन पटरी से उतरा नहीं था। अचानक सिग्नल में खराबी आने के कारण गाड़ी रोक दी गई थी। सिग्नल दुरुस्त कर गाड़ी को चलाया गया।