यह दृश्य मंगलवार को मुखर्जी पार्क में आयोजित पुस्तक मेले में देखने को मिला। इलाहाबाद के एक प्रकाशक की ओर से आयोजित पुस्तक मेले में तमाम प्रकाशकों की साहित्यिक पुस्तकें लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बनी रहीं।
पुस्तक मेले में मंगलवार कोपुस्तक प्रेमियों में अपनी-अपनी पसंद के लेखकों और प्रकाशकों की पुस्तकें लेने की होड़ मची रही। कुछ युवा क्रांतिकारी साहित्य की ओर आकर्षित दिखे तो कई ने साहित्यिक उपन्यास और नाटक किताबों को खरीदा।
नगर से लगे रामापुर गांव निवासी पेशे से अमीन रामसागर किताबों के शौकीन हैं। उन्होंने कबीर साहित्य और हरिशंकर परसाई की कृतियां खरीदीं। कहा कि राजेंद्र यादव की सारा आकाश का जवाब नहीं।
इसी तरह बुजुर्ग वर्ग के तमाम पाठकों ने धर्म मीमांसा की किताबों में रुचि ली। इनमें प्रमुख रूप से जयराम मिश्र की मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम और श्रीप्रकाश की तीर्थों में तीर्थराज प्रयाग पुस्तकें लोगों की पसंद बनी रहीं।
मेले में पुस्तकें देखने पहुंचे राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित शिक्षक डॉ. राजकुमार पाठक ने कहा कि युवा पीढ़ी को पुस्तकों से दूर होने के पीछे पुस्तकों पर महंगाई की मार मुख्य वजह बताया। कहा कि यह देश का दुर्भाग्य है।
विदेशों में साहित्य इतना महंगा नहीं है, इसलिए उसकी पहुंच हर तबके तक है। मेले में मुंशी प्रेमचंद की गबन, गोदान और निर्मला के पसंद करने वाले भी कई लोग पहुंचे।
मेले के आयोजक राजेंद्र तिवारी के मुताबिक इंटरनेट के युग में भी किताबों के प्रति युवाओं का रुझान बढ़ा है। उन्होंने कहा कि नए लेखकों के आधुनिक विचार युवा पीढ़ी को खासे प्रभावित कर रहे हैं।
उपन्यास, कहानी, कविता हो या फिर शायरों की रचनाएं। पुस्तक मेले में सभी तरह के पुस्तक प्रेमियों की बौद्धिक भूख शांत करने का बंदोबस्त किया गया है। सोमवार से शुरू पुस्तक मेला 17 जनवरी तक चलेगा