ज्ञानपुर। इलाज में हुए चिकित्सा व्यय का बीमा दावा अस्वीकार करना स्टार हेल्थ एंड एलाइड इंश्योरेंस कंपनी को महंगा पड़ा। जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने बीमा कंपनी को परिवादी गुलाम ख्वाजा को 2,79,123 रुपये और उस पर पांच जून 2025 से निर्णय तिथि तक छह प्रतिशत साधारण ब्याज और 10 हजार वाद व्यय अदा करने का आदेश दिया।
आयोग ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि आदेश की तिथि से दो माह के भीतर भुगतान नहीं किया जाता है तो बीमा कंपनी को संपूर्ण देय राशि पर 12 प्रतिशत वार्षिक साधारण ब्याज के साथ भुगतान करना होगा। जिला उपभोक्ता आयोग के रीडर स्वतंत्र रावत ने बताया कि गुलाम ख्वाजा निवासी बाईपास रोड भदोही ने 22 अगस्त 2025 को स्टार हेल्थ एंड एलाइड इंश्योरेंस कंपनी के कार्यालय चेन्नई, वाराणसी शाखा और एजेंट जमाल निवासी नई बाजार भदोही के विरुद्ध परिवाद दायर किया था। परिवादी का कहना था कि उसने स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी ली थी, जिसके तहत उसकी पत्नी रजिया सुल्तान भी बीमित थीं। पत्नी के बीमार होने पर दो अलग-अलग अस्पतालों में उपचार कराया गया, लेकिन बीमा कंपनी ने चिकित्सा व्यय का भुगतान करने से इंकार कर दिया।
दोनों पक्षों द्वारा शपथपत्र एवं अन्य साक्ष्य प्रस्तुत किए गए। जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग के अध्यक्ष संजय कुमार डे, महिला सदस्य दीप्ति श्रीवास्तव और सदस्य विजय बहादुर सिंह ने विपक्षी बीमा कंपनी को परिवादी को दो लाख 79 हजार 123 रुपये, उस पर छह प्रतिशत वार्षिक ब्याज और 10 हजार वाद व्यय का भुगतान करने का आदेश दिया।