संसाधन विहीन बच्चों की आनलाइन पढ़ाई में प्रेरणा साथी उनके सारथी बनेंगे। गांवों में परिषदीय विद्यालयों के बच्चों को शत प्रतिशत आनलाइन शिक्षा से जोड़ने के लिए हर विद्यालय के क्षेत्र में 10-10 प्रेरणा सारथी बनाए जाएंगे। मिशन प्रेरणा में इन सारथी के मोबाइल पर शिक्षण सामग्री भेजी जाएगी और उसी से बच्चे पढ़ाई करेंगे। कोरोना संक्रमण के कारण इन दिनों विद्यालय बंद हैं। परिषदीय विद्यालयों में पंजीकृत विद्यार्थियों को वाट्सएप ग्रुप के माध्यम से आनलाइन शिक्षा प्रदान की जा रही है। मगर अधिकांश परिषदीय विद्यालयों के विद्यार्थियों के स्मार्ट फोन और इंटरनेट की व्यवस्था नहीं है। इससे वह आनलाइन कक्षाओं से जुड़ नहीं पा रहे हैं। आनलाइन कक्षाओं से वंचित बच्चों के सहयोग के लिए विभाग की ओर से ऐसे लोगों को प्रेरणा साथी के रूप में जोड़ा जाएगा। जो नि:शुल्क बच्चों का सहयोग कर सके। प्रत्येक विद्यालय में दस-दस प्रेरणा साथी जोड़े जाएंगे, जिनके पास स्मार्ट फोन और इंटरनेट की व्यवस्था हो। इन प्रेरणा साथी को विद्यालय अध्यापक अपने ग्रुप में जोड़ेंगे और उनको उन बच्चों की सूची उपलब्ध कराएंगे जो आनलाइन शिक्षा से वंचित है। इन प्रेरणा साथी को प्रत्येक सोमवार, बुधवार और शुक्रवार को शिक्षण सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी। यह अपने आस पास के बच्चों को वह शिक्षण सामग्री उपलब्ध कराएंगे। बच्चे प्रेरणा लक्ष्य एप के माध्यम से प्रतिदिन कम से कम बीस मिनट शिक्षक कार्य करेंगे। इसके साथ ही हर सप्ताह शनिवार को साप्ताहिक क्विज प्रतियोगिता का भी आयोजन कर बच्चों को प्रोत्साहित करेंगे। विद्यार्थियों की ई- पाठशाला में ग्राम प्रधान, वार्ड सदस्य और विद्यालय प्रबंध समिति का भी सहयोग लिया जाएगा। इससे परिषदीय विद्यालय के शत प्रतिशत बच्चे शिक्षण कार्य से जुड़ सकेंगे। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अमित कुमार सिंह ने कहा कि प्रेरणा साथी का चयन हो रहा है। अब तक 130 स्कूलों में 1300 प्रेरणा सारथी बनाए गए हैं। जल्द ही सभी स्कूलों में प्रेरणा साथी बन जाएंगे।