ज्ञानपुर। महाराजा चेतसिंह जिला चिकित्सालय में मानसिक स्वास्थ्य प्रकोष्ठ की ओर से बुधवार को मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता शिविर लगाया गया। शिविर में तनाव से ग्रसित 10 मरीजों की काउंसिलिंग की गई। तीन मरीजों को मानसिक बीमारी के लक्षण मिलने पर दवा दी गई। मनोचिकित्सक डॉ. अभिनव पांडेय ने कहा कि बदलते जीवन शैली में लोग तनावग्रस्त रहे हैं। तकनीकी के बढ़ते प्रयोग और लगातार बढ़ता काम का दबाव लोगों के व्यवहार पर हावी हो रहा है। लोगों में चिड़चिड़ापन के साथ ही तनाव इत्यादि देखने को मिल रहा है। समय में हर व्यक्ति क्षमता से अधिक सोच रहा। इसके अलावा बच्चों और युवाओं में मोबाइल की लत देखने को मिल रही है, जो मानसिक बीमारी के लक्षण है। इससे बचने के लिए हमें सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ना होगा। अगर किसी में इस तरह के लक्षण दिखे तो तत्काल मनोचिकित्सकों से इसकी सलाह लेनी चाहिए। मानसिक बीमारी को छुपाने से समस्या दिन गुरजने के साथ बढ़ती जाती है। इस दौरान नैदानिक मनोचिकित्सक अशोक पराशर और सहयोगी मौजूद रहे।
21जेएनडी50 : पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा का स्वागत करते लोग। संवाद