ज्ञानपुर। कालीन नगरी में मंगलवार को मौसम का मिजाज अचानक बिगड़ गया। साढ़े आठ बजे के आसपास आसमान में अचानक बादलों की घेरेबंदी शुरू हुई और हल्की बारिश होने लगी। इससे सड़कें कीचड़ से सन गईं। उधर बर्फीली हवाओं के साथ ठंड में भी बढ़ोतरी हो गई।
जनवरी के शुरुआती दिनों से मौसम का मिजाज अक्सर बदल जा रहा है। एक-दो दिन बारिश के बाद मौसम साफ हो जाना और फिर बारिश का दौर आम बात हो गई है। करीब एक सप्ताह तक आसमान साफ रहने से दिन में धूप के साथ गर्मी और रात में ठंड हो गई थी। इससे लोगों को लगने लगा था कि ठंड अब कम हो रही है, लेकिन पहाड़ों पर बर्फबारी और बारिश का असर जिले में भी देखने को मिला। सोमवार की रात से आसमान में काले बादलों ने घेरेबंदी शुरू कर दी और मंगलवार को सुबह तक देखते ही देखते आसमान बादलों से ढंक गया। सुबह साढ़े आठ बजे ज्ञानपुर, गोपीगंज, भदोही समेत अन्य इलाकों में बूंदाबांदी शुरू हो गई। कुछ इलाकों में हल्की से तेज बारिश होने से कीचड़ हो गया। मौसम में आए बदलाव से ठंड में इजाफा हो गया है। बूंदाबांदी संग तेज हवा चलने से खेतों में तैयार सरसों की फसल और आलू की फसलें भी गिर गईं। हालांकि इसका असर गिने-चुने क्षेत्रों में ही रहा। मौसम के तेवर देख किसान ओला पड़ने की आशंका को लेकर चिंतित हो उठे हैं।
उप निदेशक कृषि अरविंद सिंह ने कहा कि हल्की बूंदाबांदी का फसलों पर कोई प्रतिकूल असर नहीं पड़ेगा। गेहूं के लिए यह बूंदाबांदी फायदेमंद है। उन्होंने कहा कि अगर तेज हवा चलने संग ओले पड़े तो फसलों को काफी नुकसान होगा।
गोदामों पर रखे अनाज भीगकर खराब
ज्ञानपुर। हल्की बूंदाबांदी से क्रय केंद्रों पर खुले में रखे अनाज भींग गए। गोदाम खाली होने की बाट जोह रहे ट्रकों में रखे अनाज भी बारिश की चपेट में आए, हालांकि बारिश तेज न होने से नुकसान हल्का ही हुआ। लेकिन, इससे गरीबों के हक का अनाज जहां बर्बाद हो रहा है, वहीं सरकारी पैसे का भी नुकसान हो रहा है। सुरियावां, गोपीगंज, जंगीगंज, भदोही समेत अन्य क्षेत्रों में स्थित क्रय केंद्रो पर सैकड़ो एमटी अनाज खुले में ही रखा गया है। पिछले दिनों हुई बारिश से केंद्र प्रभारी अलर्ट हो गए हैं लेकिन हल्की बारिश से ऊपर रखी बोरियां भींग गईं।