हीटवेव का बढ़ रहा असर, ऐसे बरतें सावधानी
जिला अस्पताल में फिजीशियन डाॅ. प्रदीप यादव ने बताया कि मौसम की तल्खी से हीटवेव का असर बढ़ता जा रहा है। गर्म और लू वाली हवाओं से लोगों के चेहरे झुलस जा रहे हैं। तेज धूप और हीटवेव से शरीर में पानी की कमी हो सकती है। ऐसे में हीटवेव से बचाव के लिए विशेष सावधानी बरती जानी चाहिए। बताया कि हीटवेव के असर से तेज बुखार, सिरदर्द, चक्कर आना, जी मिचलाना या बेहोशी जैसे लक्षण हो सकते हैं।
हीटवेव से बचाव को क्या बरतें सावधानी
- शरीर में पानी की कमी न होने दें।
- खान-पानी में विशेष सावधानी बरतें, हल्का भोजन करें।
- बाहर निकलते समय सुरक्षा का विशेष ध्यान रखें।
- घर को ठंडा रखने का प्रयास करें।
- अगर बहुत जरूरी न हो तो धूप में निकलने से बचें।
- हल्के, ढीले सूती कपड़े पहनें।
- खाली पेट बाहर न जाएं।
एक नजर बीते एक सप्ताह के तापमान पर
19 अप्रैल - 43 डिग्री
18 अप्रैल - 42 डिग्री
17 अप्रैल - 41 डिग्री
16 अप्रैल - 41 डिग्री
15 अप्रैल - 39.4 डिग्री
14 अप्रैल - 38.1 डिग्री
13 अप्रैल - 38.4 डिग्री
12 अप्रैल - 37 डिग्री
गंगा के तटवर्ती क्षेत्र में ट्रिपिंग और लो वोल्टेज की समस्या
भीषण गर्मी बढ़ते ही बिजली की खपत बढ़ गई है। घरों में एसी, कूलर और पंखे चल रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में लोड ज्यादा होने से लो वाल्टेज और ट्रिपिंग की समस्या आ रही है। सीतामढ़ी उपकेंद्र से जुड़े 50 गांवों में से 15 गांवों में लो वोल्टेज की समस्या देखने को मिल रही है। इसमें कलातुलसी, धनतुलसी, कोनिया और छेछुआ जैसे गंगा के तटवर्ती इलाके शामिल हैं। मिश्राइनपुर उपकेंद्र से जुड़े चार फीडरों के 50 से 60 गांवों में रात के समय बिजली ट्रिपिंग ज्यादा हो रही है। चौरी और ममहर उपकेंद्र से जुड़े 200 से ज्यादा गांवों में शाम सात बजे के बाद दो से तीन घंटे की कटौती हो रही है।