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दो साल में ही टपकने लगी लाखों की इमारत

Sat, 09 Jul 2016 01:46 AM IST
bhadohi hindi news
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चकबीरा राजकीय हाईस्कूल की एक साल पहले बनी दीवार हुई जर्जर।
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 लाखों की लागत से बनकर तैयार उच्चीकृत राजकीय हाईस्कूल के भवन एक बारिश भी नहीं झेल सके। एक से दो साल के अंदर ही करोड़ों की लागत से बनी इमारत टपकने लगी है। इससे इनमें पढ़ने वाले हजारों छात्र-छात्राओं की जान सांसत में है। इसके साथ ही भवन निर्माण में व्यापक पैमाने पर खामियों को लेकर विरोध के सुर भी उठने लगे हैं। चकबीरा गांव में बने राजकीय हाईस्कूल का भी यही हाल है। निर्माण में धांधली का आरोप लगाते हुए चकबीरा के ग्राम प्रधान ने उच्चाधिकारियों को प्रार्थना पत्र भेजकर जांच कराने की मांग की है। 
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ग्रामीण इलाकों की छात्राओं को हाईस्कूल तक की शिक्षा घर के नजदीक दिलाने के लिए पूर्ववर्ती बसपा सरकार में तीन चरण में जिले में 33 राजकीय हाईस्कूल की स्वीकृति मिली।  शुरुआती दौर में पुराने स्कूल में ही कक्षाओं का संचालन हुआ, लेकिन बाद में 58-58 लाख की लागत से भवन बनाए गए। 2009 से 12 के मध्य बनने शुरू हुए राजकीय हाईस्कूल 2013 और 14 में पूर्ण हो गए। 33 राजकीय हाईस्कूल के निर्माण पर करीब 20 करोड़ खर्च हुए। इक्का-दुक्का राजकीय हाईस्कूल को छोड़ दें तो ज्यादातर के निर्माण में धांधली बरती गई है। क्षेत्रीय ठेकेदारों की मनमानी से भवन निर्माण में धांधली के खिलाफ आवाज तो शुरुआत में ही उठी, लेकिन अफसरों की अनदेखी के चलते कोई कार्रवाई नहीं हुई। पिछले दिनों हुई बारिश ने निर्माण की पोल-पट्टी खोलकर रख दी है। 2014 में बनकर तैयार राजकीय हाईस्कूल चकबीरा की छत एक बारिश भी नहीं सह सकी। कई जगह छत टपक रही है। छत टपकने से स्कूल में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं की मुश्किलें बढ़ गईं हैं। इसके चलते विद्यालय में अपने बच्चों को प्रवेश दिलाने में अभिभावक भी कतराने लगे हैं। चकबीरा इकलौता विद्यालय नहीं है। राजकीय हाईस्कूल चकजुड़ावन समेत अन्य स्कूलों में भी निर्माण और अन्य तकनीकी खामियां मिली हैं। चकजुड़ावन के ग्राम प्रधान विंध्यवासिनी शुक्ला ने उच्चाधिकारियों को प्रार्थना पत्र भेजकर कार्रवाई की मांग की। 

तकनीकी जांच पर उठे सवाल 
ज्ञानपुर। जिले में बने राजकीय हाईस्कूल के निर्माण की जांच करने वाले अवर अभियंताओं की जांच पर भी सवाल खड़े हो गए हैं। विभाग को भवन हैंडओवर करने से पूर्व एक-एक कक्ष की जांच होती है, लेकिन कार्यदायी संस्थाओं और विभाग की कृपा से आधी अधूरी जांच कर भवनों को हैंडओवर कर दिया गया। 
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राजकीय हाईस्कूल के भवन से पानी टपकना गंभीर विषय है। कार्यदायी संस्था को नोटिस जारी किया जाएगा। जांच कराकर संस्था और ठेकेदार पर कार्रवाई की जाएगी। 
संतोष कुमार मिश्रा, डीआईओएस भदोही 
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