अंधाधुंध कटौती के खिलाफ सोमवार को भारत की कम्युनिस्ट पार्टी मार्क्सवादी और अखिल भारतीय किसान सभा के सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने विद्युत उपकेंद्र पर प्रदर्शन कर नारेबाजी की। इस दौरान अधिशासी अभियंता को चार सूत्रीय ज्ञापन देकर व्यवस्था में सुधार लाने की मांग की। मजदूर नेताओं ने कहा कि विभाग की अदूरदर्शिता से किसानों की खेती चौपट होने के कगार पर पहुंच गई है। किसानों ने कहा कि यदि सुधार न हुआ तो अनिश्चितकालीन आंदोलन शुरू कर दिया जाएगा।
विभाग कार्यालय पर धरना को संबोधित करते हुए किसान सभा के प्रदेश कार्यसमिति सदस्य इंद्रदेव पाल ने कहा की सपा सरकार में बिजली की जो दशा है वो पहले कभी नही थी। चार घंटे भी बिजली मिलना मुश्किल है। उपर से लो वोल्टेज की समस्या कोढ़ में खाज साबित हो रही है। कहा समस्या यहीं समाप्त नहीं होती। विभागीय अधिकारियों की मनमानी से भी जनता त्रस्त है। सुधार इसलिए नहीं हो पा रहा है क्योंकि अधिकारी सुधार की ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। लोगों ने वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कहा कि उपभोक्ताओं को वर्षों से बिजली के बिल नहीं दिए गए और अब उनके दरवाजे पर पहुंच कर भारी भरकम बिल देकर भुगतान करने को कहा जा रहा है। एडवोकेट कैलाश नाथ बिंद, श्रीराम बिंद, परदेशी राम, रमापति यादव, मान सिंह, बेचू लाल बिंद, सितारा बेगम, मुन्नन बेगम, सबीना बेगम, प्रेम बहादुर, ह्रदय लाल, राजमणि बिंद, फूल चंद्र मिश्र, अमृत लाल मौर्य, लालमणि राजभर आदि शामिल थे।