ज्ञानपुर। धान क्रय केंद्रों पर शनिवार को भी सैकड़ों क्विंटल धान खुले आसमान के नीचे रखा मिला। बारिश में भीगने से भारी मात्रा में धान नष्ट होने की कगार पर पहुंच गया है। विभाग, क्रय केंद्र प्रभारी से लेकर ठेकेेदार और राइस मिलर्स एक दूसरे पर ठिकरा फोड़ रहे हैं।
जिले के 40 केंद्रों पर एक नवंबर से धान की खरीद शुरू हुई। करीब एक महीने 10 दिन तक मौसम सही होने से धान की खरीद धीरे-धीरे चलती रही। बृहस्पतिवार की रात में हुई बारिश से सुरियावां, गोपीगंज, औराई, भदोही, जंगीगंज स्थित विपणन और पीसीएफ के केंद्रों पर सैकड़ों क्विंटल धान भीग गया। शुक्रवार को क्रय केंद्रों पर धान को तिरपाल से ढंकने के साथ ही खाली जगहों पर रखा गया, लेकिन शनिवार को गोपीगंज, सुरियावां समेत अन्य क्रय केंद्रो पर बड़ी मात्रा में धान की बोरियां बाहर ही पड़ी रहीं। दो दिन की बारिश से भिग चुके धान को अगर समय रहते धूप न मिली तो वह खराब हो जाएगा। गोपीगंज के केंद्र प्रभारी मानवेंद्र सिंह ने बताया कि जो गोदाम है, उसमें कोटे पर वितरण के लिए आया गेहूं और चावल रखा गया है। किसानों से धान खरीदने के बाद उसे राइस मिलर्स के पास भेजा जाता है। इसके लिए ठेकेदार चयनित है। उनकी लापरवाही से अब तक राइस मिलर्स के यहां धान नहीं पहुंच सका। केंद्र प्रभारी ने कहा कि बेमौसम हुई बारिश से बचाव के लिए रात में प्लास्टिक से ढक दिया गया था लेकिन तेज हवा के झोंके से प्लास्टिक पन्नी हट गई, जिससे कुछ बोरियां भींग गई। एक ठेकेदार ने कहा कि राइस मिलर्स जगह का बहाना बनाकर धान रखने से इंकार करते हैं, जिससे वहां धान नहीं पहुंच सका।