पिछले दिनों हुई बारिश के बाद गर्मी और उमस काफी ज्यादा बढ़ गई है। आलम यह है कि गर्मी व उमस से लोग अपने घरों व दफ्तरों में बेहाल देखे गए। वहीं दूसरी ओर जिले के सरकारी व निजी अस्पतालों में मरीजों की संख्या भी बढ़ गई है। बुधवार को जिला अस्पताल में मरीजों की संख्या अधिक देखने को मिली। यहां करीब 600 मरीज पहुंचे। इस दौरान पर्ची कटाने के लिए मरीज और तीमारदार मारामारी करते दिखे तो वहीं ओपीडी के बाहर भी लाइन लगी रही। यही स्थिति अन्य सरकारी और निजी अस्पतालों में भी रही। मरीजों को चिकित्सकों को दिखाने और दवा के लिए जूझना पड़ रहा है। महाराजा चेतसिंह जिला अस्पताल में फिजिशियन कक्ष, बाल रोग विशेषज्ञ व अन्य चिकित्सक कक्ष के बाहर मरीजों की लंबी लाइन लगी रही। दरअसल मानसून की दस्तक के बाद दस दिन दिनों तक अच्छी बारिश हुई जिससे लोगों गर्मी व उमस से राहत मिली। लेकिन बारिश बंद होने के बाद अब बीते चार दिनों से हो रही उमस ने लोगों की बेचैनी बढ़ा दी है जिसका सीधा असर अस्पतालों में देखने को मिल रहा है। इस मौसम में लोग बुखार, डायरिया, खांसी-जुकाम, एलर्जी से ग्रस्त होने लगे हैैैं। इस दौरान महाराजा चेतसिंह जिला अस्पताल में सोनी (25), कंचन (20), ममता (35), वृजलाल (30) खुशी (7) , विजय (22) समेत (25) डायरिया के इलाज के लिए भर्ती हुए। वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. अतुल श्रीवास्तव ने इस मौसम में खानपान से लेकर तेज धूप और गर्मी में एहतियात बरतने की सलाह दी है।