ज्ञानपुर। भदोही ब्लॉक के पिपरिस गांव में मुख्यमंत्री आवास आवंटन की धांधली में शिकंजा कसने लगा है। डीएम गौरांग राठी ने जांच के लिए मुख्य विकास अधिकारी भानु प्रताप सिंह को नामित किया है। एक सप्ताह में जांच कर रिपोर्ट देने का निर्देश दिया है।
जिले की बड़ी ग्राम पंचायतों में शामिल पिपरिस शौचालय, राज्य वित्त, 15वें वित्त सहित अन्य बजट के खर्च को लेकर विवादों में रहा है। अब मुख्यमंत्री आवास आवंटन का मामला सामने आया है। साल 2018 में नौ लोगों को आवास आवंटित किया गया था, जो अब तक अपूर्ण हैं। इसमें छह ऐसे लोगों को आवास आवंटित किया, जो वाराणसी के सेवापुरी के रहने वाले हैं। आवास आवंटन में ग्राम पंचायत से लेकर ब्लॉक स्तरीय अधिकारी सवालों में घिर गए हैं।
ग्राम प्रधान एचएन सरोज ने बताया कि जिन छह लोगों को आवास आवंटित हुआ है, वे यहां के रहने वाले ही नहीं है। लाभार्थी योगेंद्र कुमार सहित तीन अन्य को भी आवास की तीन किस्त की रकम नहीं मिली। लाभार्थियों का आरोप है कि सचिव और ब्लॉक स्तर से उनके साथ गड़बड़ी की गई। आवंटन में निर्माण में गड़बड़ी सामने आने जिलाधिकारी ने जांच के लिए सीडीओ को नामित किया है। उन्होंने बताया कि जांच रिपोर्ट आने पर सख्त कार्रवाई होगी।
ज्ञानपुर। औराई के लक्ष्मणा गांव में पुराना पंचायत भवन होते हुए भी नया बना दिया गया। इसमें ग्राम प्रधान, सचिव संग अवर अभियंता पर कार्रवाई हो चुकी है। पिपरिस मामले की जांच हुई तो कई नप सकते हैं।