रविवार और ईद की दो दिवसीय छुट्टी के बाद मंगलवार को जिले में सरकारी अस्पताल खुले। महाराजा चेतसिंह जिला अस्पताल में मरीजों की भीड़ उमड़ी। अस्पताल के सभी वार्डों में मरीजों की लाइन देखी गई। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार जिले के सरकारी अस्पतालों में मंगलवार को 1124 मरीजों की ओपीडी हुई।
जिले में इन दिनों मौसम में बदलाव देखा जा रहा है। स्थिति यह है कि सुबह तेज धूप और शाम के समय गुलाबी ठंडक का असर बना हुआ है। उतार-चढ़ाव भरे मौसम का असर लोगो की सेहत पर भी देखा जा रहा है। दिन में तेज धूप व रात को हल्की ठंड लोगों को परेशान कर रही है। मौसम में बदलाव का असर लोगों के स्वास्थ्य पर भी पड़ रहा है। इस कारण शहर के निजी व सरकारी अस्पतालों में बुखार, खांसी व जुकाम के मरीजों में इजाफा हो रहा है। इसके साथ ही गले में संक्रमण के मरीज भी आ रहे हैं। वहीं कुछ लोगों को पेट दर्द के साथ दस्त की समस्या आ रही है। मंगलवार को ईद और रविवार के अवकाश के बाद अस्पताल खुले तो जिला अस्पताल में मरीजों की भीड़ उमड़ पड़ी। अस्पताल में वायरल इन्फ़ेक्शन, पाचन संबंधी समस्याएं, मानसिक स्वास्थ्य पर असर, और जोड़ों में सूजन, सर्दी, खांसी जैसी समस्याओं के मरीज पहुंचे। जिला अस्पताल के फिजीशियन डॉ. प्रदीप यादव ने कहा कि इस समय सावधानी बरतना जरूरी है। पोषण युक्त आहार लेना चाहिए ताकि इम्युनिटी मजबूत बनी रहे। वायरल बुखार के लक्षण दिखने पर बिना चिकित्सक की सलाह के कोई भी दवा न लें।
लक्षणों को न करें नजरअंदाज
डॉ. प्रदीप ने बताया कि अगर किसी को लगातार बुखार, गले में खरास, सिर दर्द, शरीर में कमजोरी और बदन दर्द जैसी समस्याएं हो रही है, तो इसे हल्के में न लें। तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर जाकर डॉक्टर से परामर्श लें। डॉक्टरों का कहना है कि कई बार वायरल बुखार के लक्षण सामान्य लगते हैं, लेकिन अगर सही समय पर इलाज न मिले, तो यह गंभीर रूप ले सकता है।