पंडित दीनदयाल आदर्श योजना के तहत अधर में लटके नाला निर्माण की उम्मीद जग गई है। करीब डेढ़ साल से पहली किश्त 34.94 लाख का भुगतान लेने के बाद भी निर्माण एजेंसी नाले का निर्माण शुरू नहीं करा पाई उसके बाद काम करने से इंकार करते हुए धनराशि वापस कर दिया। जब मामला जिलाधिकारी आर्यका अखौरी के संज्ञान में आया तो उन्होंने परियोजना प्रबंधक पर मुकदमा दर्ज कराने का निर्देश अधिशासी अधिकारी को दिया। हालांकि अब प्राथमिकी दर्ज कराने की तहरीर कोतवाली पहुंचते ही निर्माण एजेंसी काम करने के लिए तैयार हो गई है।
आदर्श योजना में दुर्गागंज त्रिमुहानी से पानी निकालने के लिए शुरूआत में 69.88 लाख का प्रोजेक्ट स्वीकृत हुआ था। इसके लिए सीएंडडीएस सोनभद्र की यूनिट को जिम्मेदारी सौंपी गई थी। वर्ष 2019-20 में 34.94 लाख रुपये की पहली किश्त दे दी गई थी। इसके बाद भी निर्माण कार्य शुरू नहीं कराया गया। अधिशासी अधिकारी ज्ञानपुर ने जब काम शुरू कराने के लिए कहा तो वह पहली किश्त वापस करते हुए निर्माण कार्य कराने से कार्यदायी संस्था ने ेेइंकार कर दिया। अधिशासी अधिकारी ने इसकी जानकारी जिलाधिकारी को दी। जिलाधिकारी के निर्देश पर जब प्राथमिकी दर्ज कराने की तैयारी शुरू हुई तो परियोजना प्रबंधक नाला निर्माण के लिए तैयार हो गए। परियोजना प्रबंधक ने प्रोजेक्ट के लिए स्वीकृत 69.88 लाख रुपये कम बताया। रिवाइज इस्टीमेट की लागत 82 लाख रुपये कर दी गई है। एजेंसी नाला निर्माण की तैयारी शुरू कर दी है। शीघ्र ही निर्माण शुरू कर दिया जाएगा। जिलाधिकारी आर्यका अखौरी ने बताया नाले के निर्माण के लिए कार्यदायी संस्था तैयार हो गई है। महंगाई को देखते हुए रिवाइज इस्टीमेट भेजने की जरूरत पड़ेगी तो उसे शासन को भेजा जाएगा।