उ.प्र. राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन संविदा कर्मचारी आशा संघ ने मंगलवार को मानदेय भुगतान की मांग को लेकर मुख्यालय पर विरोध-प्रदर्शन करते हुए ज्ञापन डीएम और सीएमओ को सौंपा। प्रदर्शन करते हुए जिलाध्यक्ष साजिदा बेगम ने आरोप लगाया कि वैश्विक महामारी कोरोना संक्रमण में औराई ब्लाक की आशा बहुएं, आशा संगिनी शासन-प्रशासन के दिशा-निर्देशों का पालन गांव-गांव में पहुंच कर रही हैं। बावजूद इसके पांच माह से मानदेय नहीं मिला है। मानदेय का भुगतान नहीं होने के कारण उनके समक्ष भूखमरी की स्थिति आ गई है। सामुदायिक स्वास्थ्य औराई पर तैनात जिम्मेदार अधिकारियों से मांग करने पर उच्चाधिकारियों के कार्यालय का रास्ता दिखाना अब सहन नहीं किया जा सकता। इस संबंध में सचिव सुमन तिवारी ने बताया कि उनके मानदेय के साथ ही महिला को प्रसव के दौरान मिलने वाली सुविधाएं, प्रसव आर्थिक सहायता भी नहीं दिया जा रहा है। ब्लाक अध्यक्ष वीना दुबे ने कहा कि सामुदायिक, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में तैनात कर्मचारियों का वेतन प्रति माह मिल रहा है लेकिन आशा बहुओं और प्रसव कराने वाली महिलाओं को लेकर विभाग इसी तरह की उपेक्षा करता है। एक सप्ताह में सभी बकाए का भुगतान नहीं हुआ तो पूरे जिले की आशा बहू लामबंद होकर प्रदर्शन को मजबूर होंगी। डीएम आर्यका अखौरी ने आशा बहुओं को मामले में उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। सीएमओ डा. लक्ष्मी सिंह ने बताया कि मामला संज्ञान में है बजट मिलते ही बकाए का भुगतान कराया जाएगा।