मानदेय के लिए दो साल से चक्कर काट रहे विशेष बाल श्रमिक विद्यालयों में पढ़ाने वाले अनुदेशकों ने सोमवार को कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन कर विरोध जताया। आरोप लगाया कि बजट होने के बाद भी उनका नौ माह का मानदेय नहीं दिया जा रहा है। कई बार प्रशासनिक अधिकारियों को प्रार्थना पत्र दिया गया लेकिन उस पर कोई पहल नहीं हुई। अनुदेशकों ने 31 मई से भूख हड़ताल और अनशन की चेतावनी दी।
अनुदेशकों ने कहा कि वर्ष 2011 से जिले में 35 विशेष बाल श्रमिक विद्यालय खोले गए। मई 2014 में विद्यालय का संचालन समाप्त कर दिया गया। विद्यालयों में तीन साल पढ़ाने के बाद भी उनका नौ माह का मानदेय बजट न होने की बात कहकर नहीं दिया गया। आरोप लगाया कि 2015 में श्रम मंत्रालय भारत सरकार से बजट आया लेकिन प्रशासन की ओर से उनका मानदेय नहीं दिया गया। अनुदेशकों ने कहा कि मानदेय के लिए 31 मई से वह कलेक्ट्रेट पर भूख हड़ताल और अनशन करेंगे। जिले के सभी अनुदेशकों से आंदोलन में पहुंचने का आग्रह किया। प्रदर्शन करने वालों में बीएल सरोज, महेश मिश्रा, विद्याधर चतुर्वेदी, संतोष कुमार सरोज, अशफाक अंसारी, वासुदेव प्रजापति, रीता यादव, माधुरी दूबे, नसरीन फातिमा, रीता सरोज, अनिल, जुबैदा खातून सहित कई अनुदेशक रहे।