ज्ञानपुर। उद्यान विभाग की ओर संचालित महात्मा गांधी प्रसंस्करण स्वरोजगार प्रशिक्षण प्रभारी सत्यानंद वर्मा के लॉकडाउन में वाराणसी में फंस जाने के कारण प्रशिक्षण केंद्र पर ताला लटक गया है। लाकडाउन में लाभार्थी प्रतिदिन चक्कर लगाकर वापस लौटने को विवश हो रहे हैं। इससे स्वरोजगार स्थापित करने से लेकर विभागीय स्तर पर अनुदान संबंधी जानकारियां नहीं मिल पा रहीं हैं।
प्रति वर्ष उद्यान विभाग के अधीन चल रहे खाद्य एवं प्रसंस्करण प्रशिक्षण केंद्र में अचार, मुरब्बा, जैम, जेली आदि बनाने के लिए एक-एक माह का प्रशिक्षण दिया जाता है। प्रशिक्षण लेने के बाद प्रशिक्षु अपने उद्योग स्थापित करने में लग जाते हैं। लेकिन, इस बार कोरोना वायरस की महामारी के चलते लाकडाउन में वित्तीय वर्ष 2020-21 का प्रशिक्षण शुरू नहीं हो पा रहा है। प्रशिक्षण प्रभारी सत्यानंद वर्मा का कहना है कि सीमाएं सील होने के कारण वह घर से केंद्र नहीं पहुंच पा रहे हैं। इस लिए समस्या हो रही है। बताया कि आठ न्याय पंचायतों में तीन दिवसीय प्रशिक्षण कराने की योजना मिली है, जिसमें प्रति प्रशिक्षण में 30-30 लोगों को शामिल किया जाना है। मगर बजट न आने से कार्यक्रम गति नहीं पकड़ पा रहा है। हाईस्कूल पास प्रशिक्षुओं को प्रशिक्षण लेकर अनुदान पर उद्योग लगाने की व्यवस्था तभी मिल पाएगी, जब वे प्रशिक्षण लेकर प्रमाणपत्र हासिल करेंगे। प्रति प्रशिक्षण पर 20 हजार रुपये खर्च होंगे। इनमें प्रशिक्षण के मानदेय से लेकर बुकलेट और प्रशिक्षुओं को जलपान कराना तक शामिल है।