ज्ञानपुर/मोढ़/बाबूसराय। जिले के 91 परिषदीय विद्यालयों के छतों और परिसर गुजर रहे हाईटेंशन तार से इन स्कूलों के 15000 बच्चे खतरे के बीच पढ़ाई करने को मजबूर हैं। इसे अफसरों की लापरवाही कहें या विभाग की उदासीनता लेकिन तीन साल में छह बार पत्राचार करने के बाद इन विद्यालयों से गुजरे हाईटेंशन तार नहीं हट रहे। 2022 से अब तक छह बार शिक्षा विभाग ने पत्राचार किया, लेकिन बजट नहीं मिल सका। बरसात के मौसम में इससे खतरा और भी बढ़ जाता है।
जिले में 885 प्राथमिक, पूर्व माध्यमिक और कंपोजिट विद्यालय संचालित है। इसमें करीब एक लाख 47 हजार विद्यार्थी पंजीकृत हैं। ऑपरेशन कायाकल्प और अन्य मदों से स्कूलों की तस्वीर बदली जा रही है, लेकिन अब भी तमाम खामियों से अभिभावक, विद्यार्थी और शिक्षक चिंतित हैं। विद्यालय भवनों के ऊपर से गुजरे बिजली के तार हटवाने में कोई जिम्मेदार दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं। एक, दो नहीं बल्कि जिले के 91 विद्यालय ऐसे हैं, जिनके परिसर या छत के ऊपर से 11 हजार और 440 वोल्ट के तार गुजरे हैं। ये एक से दो दशक पुराने होने के कारण जर्जर हो चुके हैं।
तेज हवा और बारिश में तार से उठने वाली चिंगारी बच्चों और शिक्षकों की धड़कनें बढ़ा देती हैं।