ज्ञानपुर। बिजली विभाग की उदासीनता किसी दिन बड़े हादसे का कारण बन सकती है। जिले के 91 परिषदीय स्कूलों के ऊपर से गुजरे जर्जर तार अब तक नहीं हटाए जा सके हैं। इससे छात्र-छात्रा और शिक्षक भयभीत रहते हैं। इसको लेकर संबंधित प्रधान से हेडमास्टर तक पत्राचार कर चुके हैं, लेकिन कुछ नहीं हुआ।
जिले में 892 प्राथमिक, पूर्व माध्यमिक और कंपोजिट विद्यालय संचालित है। इसमें करीब एक लाख 67 हजार विद्यार्थी पंजीकृत हैं। ऑपरेशन कायाकल्प और अन्य मदों से स्कूलों की तस्वीर बदली जा रही है, लेकिन अब भी तमाम खामियों से अभिभावक, विद्यार्थी और शिक्षक चिंतित हैं।
विद्यालय भवनों के ऊपर से गुजरे बिजली के तार हटवाने में कोई जिम्मेदार दिलचस्पी नहीं दिखा रहा है। एक, दो नहीं बल्कि जिले के 91 विद्यालय ऐसे हैं, जिनके परिसर या छत के ऊपर से 11 हजार और 400 वाट के बिजली के तार गुजरे हैं। ये एक से दो दशक पुराने होने के कारण जर्जर हो चुके हैं। तेज हवा और बारिश में तार से उठने वाली चिंगारी बच्चों और शिक्षकों की धड़कनें बढ़ा देती हैं।
प्राथमिक विद्यालय कठारी के ऊपर से 11 हजार और 440 वोल्ट के तार गुजरे हैं। स्कूल के मध्य एक रास्ता भी है, जहां हर समय लोगों का आवागमन होता है। इस कारण दुर्घटना का भय हमेशा बना रहता है। दुर्गागंज के प्राथमिक विद्यालय रामनगर के गेट सामने लगे हाईटेंशन तार का खंभा झुक गया है। इस कारण तार गेट तक लटक गया है। इससे हादसों का खतरा बना हुआ है।
भदोही नगर से सटे मॉडल प्राथमिक स्कूल प्रजापतिपुर में 150 बच्चे स्कूल में पढ़ते हैं। यहां भी स्कूल के ऊपर से तार गुजरे हैं। प्रधानाध्यापिका कुसुम लता ने बताया कि बिजली निगम, शिक्षा विभाग और डीएम को पत्र दिया जा चुका है, लेकिन तार नहीं हटाए जा सके हैं। सका है।
91 स्कूलों के आसपास या ऊपर से तार गुजरे हैं। बिजली विभाग से खर्च का प्रस्ताव मंगाकर 2022 और 2023 में तार हटवाने के लिए शासन को भेजा गया था।स्वीकृति मिलने पर तारों को हटवाया जाएगा।- भूपेंद्र नारायण सिंह, बीएसए।