हाथरस तहसील क्षेत्र के एक इंटर कॉलेज में नकल कराने के लिए दीवारों पर चढ़ते युवक।
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यूपी बोर्ड की हाईस्कूल विज्ञान की परीक्षा शुरू होने के आधे घंटे बाद गुरुवार को सुबह करीब आठ बजे प्रश्नपत्र सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। इससे प्रशासन और शिक्षा विभाग में खलबली मच गई। डीएम ने मामले की जांच एडीएम को सौंपी है। डीआईओएस से भी स्पष्टीकरण तलब किया है।
गुरुवार को हाईस्कूल विज्ञान की परीक्षा सुबह साढ़े सात बजे शुरू हुई। आधे घंटे बाद करीब आठ बजे प्रश्नपत्र सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। देखते ही देखते प्रश्नपत्र कई वाट्सएप ग्रुप पर आ गया। इससे प्रशासन और शिक्षा विभाग में खलबली मच गई। माना जा रहा है कि जिले के किसी परीक्षा केंद्र से शिक्षा माफिया ने किसी व्यक्ति को प्रश्नपत्र हल करने के लिए भेजा या यह किसी केंद्र व्यवस्थापक की कारगुजारी है। इस बारे में डीआईओएस संतोष कुमार मिश्र का कहना है कि परीक्षा शुरू होने से पूर्व प्रश्नपत्र बाहर आने पर पेपर लीक का मामला माना जाता है। हालांकि परीक्षा के दौरान प्रश्नपत्र बाहर कैसे आया, यह जांच का विषय है।
जिलाधिकारी सुरेश कुमार सिंह ने अपर जिलाधिकारी हरिलाल यादव को मामले की जांच की जिम्मेदारी दी है। डीएम ने डीआईओएस से स्पष्टीकरण मांगा है। प्रश्नपत्र बाहर आने के सवाल पर डीएम ने कहा कि कुछ स्पष्ट नहीं हो पा रहा है। बोर्ड को पत्र लिखकर इस पर राय मांगी गई है।