शेरुआ ग्राम पंचायत स्थित बकहर नदी के छहमुहंवा मुहाने पर शुक्रवार देर शाम भैंस की पूंछ पकड़कर नदी पार कर रहा चरवाहा पानी के तेज बहाव में बह गया। शनिवार दोपहर तक उसका पता नहीं चल सका। संतनगर थाना क्षेत्र के शीतलगढ़ पटेहरा गांव निवासी सुरसत्ती देवी ने बताया कि पति शरण कोल (70) को मड़िहान के शेरुआ गांव निवासी कैलाश यादव शुक्रवार सुबह 10 बजे बाइक से अपने घर ले गए थे। आरोप है कि तीन माह पहले शरण ने उनकी चरवाही छोड़ दी थी, फिर भी वे शरण को जबरदस्ती अपने ले गए। घर पर खाना खिलाने के बाद कैलाश ने अपनी 12 भैंसों को चराने के लिए शरण को भेज दिया। सुबह 11 बजे शरण एक भैंस की पूंछ पकड़कर नदी पार कर दूसरे किनारे चले गए। वापसी के दौरान शाम को पांच बजे जब वे फिर भैंस की पूंछ पकड़कर नदी पार करने लगे तो उस समय नदी उफान पर थी। तेज बहाव में हाथ से भैंस का पूंछ छूट गया। इससे वह बह गए। पशुपालक कैलाश यादव ने देर रात परिवार को सूचना दी। इसके बाद पत्नी सुरसत्ती देवी अपने पुत्र रामपोस के साथ रात 10 बजे घटना स्थल पर पहुंची। काफी खोजबीन के बाद किनारे पर सिर्फ पति का एक गमछा पड़ा मिला। शनिवार सुबह नौ बजे पुलिस भी मौके पर पहुंची लेकिन पानी के तेज बहाव को देखकर किनारे खड़ी मूक दर्शक बनी रही। घटनास्थल से लगभग 15 किलोमीटर की दूरी पर सिरसी बांध है। सिरसी बांध में चले जाने की आशंका जताई जा रही है। बकहर नदी में मगरमच्छों की भरमार है। इससे परिवार के लोग चिंतित है। ग्रामीण और पुलिस ने सात किलोमीटर तक तलाश की अभी तक कोई सुराग नहीं मिला है। सीओ मड़िहान मोहम्मद फहीम कुरैशी ने बताया कि एफडीआरएफ टीम को भी बुलाया गया है।