बाबा बड़े शिव मंदिर पर देव दिपावली पर भव्य दीप दान। संवाद
- फोटो : साजिशकर्ता के मकान के पास मौजूद राजस्व कर्मी व पुलिस टीम।
ज्ञानपुर। कार्तिक पूर्णिमा पर बुधवार की शाम देव दीपावली की स्वर्गिक छटा देखकर लोग हर्षित हो उठे। मानो देव लोक से साक्षात धरा पर देवता आ गए हों। गंगा की लहरों पर इठलाती दीपमालाएं, ज्ञानसरोवर पर लगी लेजर लाइट की रोशनी हर किसी को रोमांच से भर रही थी। गोपीगंज के बड़े शिव मंदिर पर टिमटिमाते दीपों ने आसमा में तारों का अहसास कराया। सीतामढ़ी, सेमराध में काशी की तर्ज पर गंगा आरती की गई। जिले के प्रमुख गंगा घाट, मंदिर परिसर, ज्ञानसरोवर पर कुल साढ़े तीन लाख से अधिक दीपदान किए गए। सीतामढ़ी के महर्षि वाल्मीकि आश्रम गंगा तट पर कार्तिक पूर्णिमा की शाम देव दीपावली गंगा महोत्सव का आयोजन किया गया। इसमें गंगा महाआरती, दीपोत्सव के बाद सांस्कृतिक कार्यक्रम और भजन संध्या का आयोजन किया गया। महोत्सव का उद्घाटन मुख्य अतिथि पूर्व मंत्री रंगनाथ मिश्र और विशिष्ट अतिथि पूर्व सांसद गोरखनाथ पांडेय ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। दीपदान शुरू हुआ तो हजारों की संख्या में महिला पुरुष श्रद्धालुओं ने दीपदान कर पुण्य अर्जित किया। असंख्य दीयों के जलते ही गंगा तट, घाटों की सीढि़यां और प्राचीन मंदिर का कोना-कोना दीयों के प्रकाश पुंज से जगमग होने लगा। दीयों के प्रकाश पुंज की अलौकिक छटा लोग अपलक निहारते रहे। मौके पर समाजसेवी राहुल दूबे, धर्मेंद्र सिंह, बृजेश पांडेय, बसंतलाल गौड़ आदि मौजूद रहे। सेमराधनाथ धाम मंदिर को झालर और लाइट से सजाया गया। बाबा सेमराध नाथ का शृंगार हुआ। गंगा आरती, दीपदान और झांकी निकाली गईं। मुख्य अतिथि डॉ. आजाद दूबे रहे। छात्राएं ज्योति गौड़ दीपाली विश्वाकर्मा, ज्योति विश्वकर्मा, शिवानी विश्वकर्मा ने आकर्षक रंगोली बनाई थी। मौके पर सिंटू दूबे, मनोज पांडेय, अशोक तिवारी आदि मौजूद रहे। ज्ञानसरोवर के सीढि़यों को लेजर लाइट से सजाया गया। लेजर लाइट से देखने सैकड़ों की संख्या में लोग पहुंचे। यहां 1.51 लाख दीपदान किए गए। गोपीगंज बड़े शिव मंदिर को आकर्षक ढंग से सजाया गया। इसी तरह सदर मोहाल स्थित प्राचीन दुर्गा मंदिर, हनुमान गढ़ी, तिलेश्वर नाथ, पांडवानाथ सहित अन्य मंदिरों को सजाया गया। जहां शाम के वक्त दर्शन पूजन करने के लिए श्रद्धालुओ की भीड़ रही। महोत्सव में शामिल लोग देवाधिदेव का सुगंधित पुष्पों और पंच द्रव्य से किए गए अलौकिक स्वरूप का दर्शन पूजन कर निहाल हो गए। मंदिर परिसर में देर रात तक भगवान शिव का जयकारा गुंजायमान रहा। काशी से आए आचार्यों ने गंगा आरती की। बच्चों ने डांडिया खेला। मौके पर पालिका अध्यक्ष जितेंद्र गुप्त, दीपक मोदनवाल, शिव अग्रहरि, सुरेंद्र विश्वकर्मा, हैप्पी आदि मौजूद रहे।