तन को झुलसा देने वाली गर्मी से जन जीवन अस्त व्यस्त हो गया है। डायरिया मरीजों की संख्या अस्पतालों में लगातार बढ़ती जा रही है। शनिवार को जिला अस्पताल में 70 से अधिक डायरिया के मरीज भर्ती हुए।
अप्रैल में जून का एहसास दिलाती गर्मी लोगों को राहत देती नजर नहीं आ रही है। 41 से 42 तक तापमान थमा हुआ है। भीषण गर्मी और उमस के बीच लोग शादी-ब्याह में भी शामिल हो रहे हैं। मांग के सापेक्ष पनीर, खोवा सहित अन्य खाद्य पदार्थ की कमी मिलावटी सामानों से हो रही है। मिलावटी सामानों के खाने से डायरिया के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। हीट स्ट्रोक, उल्टी दस्त, पेट में दर्द आदि के मरीजों की संख्या अस्पताल में बढ़ रही है। इलाके के जोरईं, लखनों, भिदिउरा समेत कई गांव के 70 लोगों ने शनिवार को जिला अस्पताल में उपचार कराया। जिला अस्पताल की ओपीडी में एक हजार से अधिक पर्चियां कटीं। बदलते मौसम में बीमारियों की बाढ़ के संबंध में डॉ. अनिल श्रीवास्तव ने बताया कि गर्मी और उसम में मिलावटी खाद्य पदार्थों के खाने से डायरिया रोग का खतरा बढ़ रहा है। खान-पान में सावधानी और संयमित जीवन शैली अपनाकर इससे बचा जा सकता है।