शासन-प्रशासन की सख्ती का असर चिकित्सकों पर नहीं दिख रहा है। वह अपनी मनमानी करने से बाज नहीं आ रहे हैं। सीएमओ डॉ. एसके चक ने मंगलवार को सीएचसी भदोही और एमबीएस का औचक निरीक्षण किया। सीएचसी में अधीक्षक समेत 28 स्वास्थ्यकर्मी अनुपस्थित मिले, जबकि एमबीएस में तीन चिकित्साधिकारी गायब रहे। सभी का सात दिन का वेतन और मानदेय रोकते हुए 24 घंटे में स्पष्टीकरण का निर्देश दिया।
सीएमओ मंगलवार को सुबह आठ बजकर 50 मिनट पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भदोही पहुंचे। उपस्थित पंजिका का अवलोकन किया तो गिने-चुने चिकित्सक और स्वास्थ्यकर्मी पहुंचे मिले। यहां पर सीएचसी अधीक्षक डॉ. समीर उपाध्याय, लैब विशेषज्ञ प्रीती नरेश, डेंटल हाइजिनिस्ट रविंद्र कुमार विश्वकर्मा, डॉ. आदिती प्रिया, पूनम मोदनवाल, घनश्याम राय, शालिनी , घनश्याम राय गैर हाजिर रहे।
इसी तरह वार्ड ब्वाय बालकृष्ण, विजय मौर्य, अश्वनी तिवारी, ममता, बिंदू देवी, सुमन भारती, प्रीती, स्वीपर मनीष कुमार, वार्ड आया चंदा देवी, संगीता देवी, चौकीदार विनोद पाल, जगदीश पाल, अंजेश कुमार, एलटी संदीप कुमार, स्टाफ नर्स विकास दूबे, डॉ. भूमिका जायसवाल, मनीष कुमार, सुमित कन्नौजिया, निलेश कुमार, वंदना देवी, राजेंद्र प्रसाद अनुपस्थित रहे।
चिकित्साधिकारी डॉ. रोहित कुमार समेत अन्य लोग बिना ड्रेस कोड में मिले। सुबह नौ बजकर 20 मिनट पर महाराजा बलवंत सिंह जिला अस्पताल का निरीक्षण किया। यहां पर चिकित्साधिकारी डॉ. चंद्रबली, डॉ. राजेश अग्रवाल और डॉ. संजय कुमार तिवारी अनुपस्थित रहे। सीएमओ ने सभी का सात दिन का वेतन रोकते हुए स्पष्टीकरण मांगा।