पुरानी कलेक्ट्रेट स्थित बिजली विभाग के कार्यालय पर शनिवार को उस समय माहौल तनावपूर्ण हो गया जब ठेकेदारी को लेकर अवर अभियंता और ठेकेदार आपस में भिड़ गए। मामला एक निविदा से जुड़ा बताया जा रहा है। हालांकि कर्मचारियों के बीच-बचाव से विवाद बढ़ा नहीं। अधिशासी अभियंता ने बैठक कर दोनो पक्षों को सुलह-समझौता कराया।
केंद्र और प्रदेश सरकार की ओर से चलाई जा रही कई योजनाओं के तहत लोहिया गांव समेत नगरीय इलाकों में विद्युतीकरण, जर्जर तारों के बदलने का कार्य चल रहा है। सत्ता पक्ष और विपक्ष के कई ठेकेदार करोड़ों के कार्यों को लेने के लिए अधिशासी अभियंता के आसपास मड़राते रहते हैं। काम की निविदा निकलते ही अफसरों से सेटिंग-गेटिंग का दौर शुरू हो जाता है। जिसका हाथ भारी पड़ता है उसे निविदा दे दी जाती है। शनिवार को निविदा से जुड़े एक मामले को लेकर ठेकेदार और अवर अभियंता के बीच हाथापाई और गाली गलौज हो गई। कार्यालय में हुई इस घटना से पुरानी कलेक्ट्रेट परिसर में हड़कंप मच गया। आसपास के लोगों ने पहुंचकर मामले को शंात कराया। विभागीय सूत्र बताते हैं कि संबंधित अवर अभियंता और दो ठेकेदारों के बीच सेटिंग हुई थी जिसमें एक पक्ष मजबूत हुआ तो दूसरे को लाभ नहीं मिला। जिससे दोनों के बीच विवाद हो गया। शुक्रवार को भी जेई और ठेकेदार के बीच नोकझाेंक हुई थी। बताया जाता है कि कार्यालय के कुछ आउटसाइडर और ठेकेदार विभागीय कृपा से अक्सर मारपीट पर उतारू रहते हैं।