वक्ताओं ने कहा कि भाजपा पहले से ही दलित विरोधी थी, उसी ढर्रे पर सपा भी चल पड़ी है। पुतला फूंकने से पूर्व अयोध्यापुरी तालाब के पास से कार्यकर्ताओं ने जुलूस निकाला, जिसमे सरकार विरोधी नारे लगाए।
इस दौरान माले कार्यकर्ता रामजीत यादव ने कहा कि जनता सभी सरकारों को समझ चुकी है। सपा और भाजपा एक ही थाली के चट्टे बट्टे हैं। दलित पहले से ही कमजोर और शोषित थे।
सपा सरकार उनके और शोषण की व्यवस्था कर रही है। जब चाहे दबंग दलितों की जमीन पर कब्जा करना आम बात तो थी ही अब सरकार दबंगों को लाइसेंस दे रही है।
कहा बगैर कलक्टर की इजाजत के दलितों की जमीन खरीदने का अधिकार मिल जाने से दलित सड़क पर आ जाएंगे। अब उनका और शोषण होगा। बनारसी सोनकर ने कहा की दलित की पूंजी उनकी जमीन ही होती है।
जिस पर वे खेती कर जीविकोपार्जन करता है। लेकिन सरकार के नए कानून से दलितों का भारी नुकसान होगा। पुतला दहन में रामजीत यादव, बनारसी सोनकर, लालमन सरोज, दिनेश पाल, कबूतरा देवी, लाली गौतम, सावित्री देवी, सरोजा देवी, जय देवी आदि रहे।