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Bhadohi News: फर्जी अभिलेख के सहारे 30 साल से कर रहा था नौकरी, शिक्षक बर्खास्त

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ज्ञानपुर। भदोही नगर के मदरसा अरबिया मदीनतुल इल्म पीरखांपुर में सहायक अध्यापक (आलिया) के साथ अन्य कर्मचारियों की नियुक्ति में बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। यहां फर्जी अभिलेख से 30 साल से नौकरी करने वाले सहायक अध्यापक (आलिया) रज्जब अली को मदरसा बोर्ड ने बर्खास्त कर दिया है। एक महीने के अंदर मदरसा बोर्ड ने यह दूसरी कार्रवाई की है। इससे पहले इसी मदरसे के शिक्षक अरशद अली पर कार्रवाई की गई थी।
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जिले में सात वित्तपोषित मदरसे संचालित हैं। इनमें दो से ढाई हजार छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं। पूर्व में मदरसों में शिक्षक से लेकर कर्मचारियों तक की नियुक्तियां ऑफलाइन की गईं थीं। इसमें मदरसों के प्रबंधकों ने मनमानी की थी। बिना अभिलेखों के सत्यापन के ही नियुक्ति कर दी गई। विभागीय तालमेल से सभी को हर महीने हजारों रुपये वेतन जारी होता रहा। साल 2023 में भदोही नगर के सफीउल्ला खां एवं हाजी इश्तियाक अहमद सिद्दीकी ने मदरसा शिक्षा परिषद को प्रार्थना पत्र देकर नियुक्ति की जांच की मांग की। इसमें आरोप लगाया कि रज्जब अली 1995 से अब तक फर्जी अभिलेख से नौकरी कर रहे हैं। परिषद के निर्देश पर जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी रमेश चंद्र ने शिक्षक रज्जब अली के शैक्षणिक अभिलेखों की जांच की तो मौलवी, कामिल, फाजिल की शिक्षा आजमगढ़ के मदरसा एएसएम अशर्फिया मिस्बाउल उलूम मुबारकपुर से 1989, 1991 और 1993 में की गई। जांच में पाया गया कि रज्जब अली ने 1993 में फाजिल की कक्षा में संस्थागत विद्यार्थी के रूप में आजमगढ़ में अध्ययन किया, जबकि उसी अवधि में उन्होंने मिर्जापुर में साल 1992 से 1994 में फौकानियां की कक्षाओं में शिक्षण कार्य किया जो संभव नहीं है। जांच समिति के समक्ष रज्जब अली ने आलिया पद के लिए विज्ञापन की छायाप्रति को तिथि विहीन प्रस्तुत किया जो संदिग्ध रहा। मदरसा परिषद ने तीन बार अपना पक्ष रखने का मौका रज्जब अली को दिया, लेकिन वह साक्ष्य प्रस्तुत नहीं कर सके। इस पर मदरसा परिषद की रजिस्ट्रार एवं निरीक्षक अंजना सिरोही ने आलिया पद पर नियुक्त रज्जब अली की सेवा को बर्खास्त कर दिया। एक महीने पहले मदरसे के सहायक अध्यापक अरशली अली को भी फर्जी अभिलेख के आधार नौकरी करने पर बर्खास्त किया गया था।
फर्जी अभिलेख के आधार पर रजिस्ट्रार ने आलिया पद पर तैनात रज्जब अली को बर्खास्त कर दिया है। साल 1995 से अब तक की गई नौकरी में वेतन वसूली के लिए परिषद को पत्र लिखा जाएगा। उच्चाधिकारियों के निर्देश पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। - रमेश चंद्र, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी।
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