ज्ञानपुर। जिला मुख्यालय की बहुचर्चित नगर पंचायत ज्ञानपुर की सीट पर कांटे का मुकाबला देखने को मिला। रस्साकशी के बीच अंतत: घनश्याम दस गुप्ता का एक दशक का वनवास खत्म हो गया और वे 191 मतों से जीतकर चौथी बार चेयरमैन बन गए। एक बार उनकी पत्नी भी चेयरमैन रह चुकी हैं। 2012 के बाद वे दो बार लड़े, लेकिन दूसरे नंबर पर ही रहे।
ज्ञानपुर के पुरानी बाजार निवासी एवं व्यापारी नेता घनश्याम दास गुप्ता एवं उनकी पत्नी 2012 से पूर्व लगातार चार बार चेयरमैन रहें। ज्ञान सरोवर की सफाई को लेकर चर्चा में आए हीरालाल मौर्य 2012 में पहली बार अध्यक्ष बने थे। 2017 में जनता ने दुबारा उन्हें ही चुना। दोनों बार घनश्याम दूसरे नंबर पर ही रहे। 2023 के चुनाव में भाजपा उम्मीदवार हीरालाल, निर्दल घनश्याम दास गुप्ता और निर्दल शाहिद खान के बीच मुकाबला था। मतदान के दिन सातों निकायों में सबसे अधिक ज्ञानपुर में करीब 72 फीसदी तक मत पड़े। शनिवार को मतगणना शुरू हुई तो पहले चक्र में हीरालाल आगे रहे, लेकिन उसके बाद घनश्याम ने धीर-धीरे बढ़त बनानी शुरू की। चौथे राउंड में 191 मतों से जीत दर्ज कर लिया। जीत के साथ ही उनका एक दशक का वनवास भी खत्म हो गया।