भदोही। एक बार जीएसटी में काम शुरू होने के बाद यह आप लोगों को यह व्यवहारिक लगने लगेगा। इसमें आपूर्ति और क्रय से जुड़ी राह काफी आसान हो जाएगी। इसके लागू होने से आपूर्तिकर्ता और खरीदार के बीच संबंध और बेहतर होंगे। एक समान टैक्स दर होने से वस्तुओं के दाम घटेंगे , जिससे अंतराष्ट्रीय बाजार में हमारे उत्पाद और प्रतिस्पर्धी हो जाएंगे।
यह बातें गुरुवार को संयुक्त आयुक्त केंद्रीय उत्पाद एव सेवा कर दिनेश कुमार ने कालीन भवन में जीएसटी पर आयोजित संगोष्ठी में बताई।
उन्होंने कहा कि जीएसटी विश्व के 164 देशों में लागू है। भारत भी इसमे शामिल होने जा रहा है। पांच पेट्रोलियम पदार्थ और मद्य वस्तुएं इससे मुक्त होंगे। इसमें टैक्स की अधिकतम सीमा 18 प्रतिशत होगी। विशेष बदलाव यह है कि अब तक माल उत्पाद वाले स्थान पर ही टैक्स भरना पड़ता था लेकिन इसमें खपत आधारित होंगे। कहा कि वस्तुओं पर टैक्स की सीमा 18 प्रतिशत होने से भारी संख्या में उत्पादों की कीमतें घटेंगी इससे अंतराष्ट्रीय बाजार में हमारे वस्तुएं सस्ती होंगी जिसका लाभ निर्यात को मिलेगा। बताया कि अलग अलग टर्नओवर वाले व्यापारियों और उत्पादकों के लिए अलग अलग स्लैब होगा। खास बात यह होगी कि कागजी काम कम से कम हो जाएगा और ऑनलाइन व्यवस्था से उद्यमियों और व्यापारियों का समय बचेगा।
उनके संबोधन के बाद मौजूद सीए, व्यापारियों और उद्यमियों ने उनसे कुछ भ्रांतियों पर सवाल किए जिस पर उन्होंने प्रकाश डाला। अध्यक्षता एकमाध्यक्ष गुलाम सर्फुद्दीन अंसारी ने संचालन मानद सचिव, पियूष बरनवाल ने किया। यूपी एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल के चेयरमैन विनय कपूर ने जीएसटी की रोशनी में कालीन उद्योग के स्वरूप की चर्चा की। डिप्टी कमिश्नर वीके सिन्हा, भुपेंद्र विजय अश्फाक अंसारी, एसी बरनवाल, रवि पाटोदिया, हाजी अब्दुल सत्तार अंसारी, पीसी जायसवाल, आलोक बरनवाल, बसंत चांडक, आरसी टंडन, विकास महर्षि, केपी दूबे, इस्तीयाक खां, विमल बरनवाल आदि मौजूद रहे।