ज्ञानपुर। हैंडपंप रिबोर और मरम्मत की सूची न देना डीघ ग्राम पंचायत के ग्राम पंचायत अधिकारी धर्मेंद्र कुमार पाल को भारी पड़ गया। सीडीओ के निर्देश पर जिला पंचायत अधिकारी बालेशधर द्विवेदी ने उन्हें निलंबित कर दिया। सेक्रेटरी पर अन्य आरोप भी लगे थे।
राज्य वित्त एवं 14वें वित्त की धनराशि से गांवों में खड़ंजा, हैंडपंप रिबोर, शौचालय समेत अन्य विकास कार्यों में ग्राम पंचायत अधिकारियों और ग्राम प्रधानों की ओर से व्यापक स्तर पर गड़बड़ी की बात सामने आती रहती है। यही वजह है कि मौजूदा समय में जिले में करीब 20 ग्राम पंचायतों की जांच चल रही है, जबकि 10 से 15 के खिलाफ कार्रवाई हो चुकी है। पिछले दिनों मुख्य विकास अधिकारी विवेक त्रिपाठी डीघ ब्लॉक में निरीक्षण करने के लिए गए थे। उस दौरान ग्राम पंचायत अधिकारी से रिबोर हुए हैंडपंप और मरम्मत हैंडपंपों की सूची मांग ली। करीब सात से 10 दिन बाद भी सूची उपलब्ध नहीं कराई गई। चेतावनी पत्र जारी होने के बाद भी सेक्रेटरी ने लापरवाही बरती। इसको संज्ञान में लेते हुए सीडीओ ने सेक्रेटरी को निलंबित करने का निर्देश डीपीआरओ को दिया। 25 अक्तूबर को डीपीआरओ ने सेक्रेटरी धर्मेंद्र कुमार पाल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। उन्होंने बताया कि सेक्रेटरी ने मांगी गई जानकारी न देने के साथ ही आरटीआई की सूचनाएं भी वादी को नहीं उपलब्ध कराई।