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सुप्रीम कोर्ट पैनल से सरकार कराए जमीन खरीद की जांच

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अयोध्या में भव्य श्रीराम मंदिर निर्माण के नाम पर होने वाले जमीन क्रय घोटाले का मामला शांत होने का नाम नहीं ले रहा है। प्रतिदिन राजनीतिक दलों की ओर से भ्रष्टाचारियों का कृत्य सामने लाने के लिए प्रार्थना सभा तो तहसील-मुख्यालयों पर विरोध-प्रदर्शन किया जा रहा है। इसी क्रम में बृहस्पतिवार को जिला कांग्रेस कमेटी के कार्यकर्ताओं ने प्रकरण की जांच सुप्रीम कोर्ट पैनल से कराने की मांग की। राष्ट्रपति के नाम संबोधित आठ सूत्री ज्ञापन एएसडीएम ज्ञानप्रकाश यादव को सौंपा। जिलाध्यक्ष माबूद खान ने कहा कि श्रीराम जन्म भूमि तीर्थ ट्रस्ट में शामिल कुछ लोग मंदिर निर्माण के नाम पर मिलने वाली चंदे की धनराशि का दुरुपयोग करना चाहते हैं। उसी मानसिकता की देन है कि दो करोड़ की जमीन 19 करोड़ में क्रय दिखाई गई जो आस्था पर चोट है। राजेश दुबे ने कहा कि प्रभु श्रीराम के नाम यदि इसी तरह की घोटालेबाजी होती रही तो चंदा वसूलने वालों को कितना ठेस लग सकता है कोई अंदाजा नहीं। मुशीर इकबाल ने कहा कि एक ओर सरकार मंदिर और मस्जिद का मुद्दा खत्म करना चाहती है तो भ्रष्टाचारी कुंठित मानसिकता का परिचय देकर अपने असली चेहरे को बेनकाब कर रहे हैं। इसका एकमात्र कारण है कि सरकार अंधेरे में रहकर सबकुछ देख रही जो आने वाले दिनों में उसी के लिए भारी पड़ जाएगी। पार्टीजन आस्था के नाम पर मिल रहे भ्रष्टाचार को बंद कराकर ही दम लेंगे। सुप्रीम कोर्ट पैनल की जांच से हकीकत भी सामने आ जाएगी। मांग किया गया कि जमीन में व्यय हुई अधिक धनराशि वापस की जाए, फर्जी गवाहों को चिह्नित कराया जाए, जमीन विवादित है तो उसकी सच्चाई उजागर की जाए, अन्य जमीनों की खरीद फरोख्त ब्यौरा सामने लाया जाए, खाते में ट्रांसफार्मर होने वाले बैंक का नाम सामने आए, आपत्ती दर्ज कराने का सही नाम-पता सार्वजनिक किया जाए, मंदिर और क्रय हुई जमीन की दूरी का मकसद पेश कराया जाए, मंदिर निर्माण ट्रस्ट में शामिल बिचौलियों को निकाला जाए शामिल रही। ज्ञापन सौंपने वालों में सुरेशचंद्र मिश्रा, करमचंद बिंद, स्वालेह अंसारी, उपेंद्र भारती, श्याम कुरील, मो.इरफान,रियाज अहमद, हरिश्चंद दूबे, परवेज हाशमी आदि रहे।
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