पांच माह पूर्व गोपीगंज नगर को जाम से मुक्त करने के लिए एनएचएआई ने करोड़ों रुपये से पौने दो किलोमीटर का ओवरब्रिज बनाया, लेकिन बारिश में मानक में बरती गई अनदेखी सामने आने लगी है। इससे नाराज होकर व्यापार मंडल के बैनरतले नगरवासियों ने एनएचएआई के खिलाफ राजमार्ग पर ही विरोध-प्रदर्शन किया। व्यापार मंडल के नगर अध्यक्ष श्रीकांत जायसवाल ने आरोप लगाया है कि हंडिया-राजातालाब खंड के 72 किलोमीटर वाले खंड का 30 किलोमीटर क्षेत्र भदोही जिले से होकर पूर्वी सीमा वाराणसी को बाबूसराय में तो प्रयागराज को पश्चिमी सीमा ऊंज जोड़ता है। दो ओवरब्रिज, एक दर्जन अंडरपास ब्रिज के साथ एनएचएआई ने नाला, डिवाइडर, सर्विसलेन आदि निर्माण कार्यों पर लगभग तीन सौ करोड़ से अधिक धन खर्च कर दिया गया लेकिन अभी तक न आवागमन सुचारु हो सका है न जलनिकासी की समस्या दूर हो रही है। नाला और सर्विसलेन का मामला शांत नहीं हुआ कि ओवरब्रिज पर लगने वाले बारिश के पानी को निकालने के लिए भी लाखों रुपये की पाइप लगाई गई। जो उचित स्थान और मानक के हिसाब न लगने के कारण बारिश के पानी का भार नहीं उठा पा रही है। दो सप्ताह पूर्व हुई बारिश का पानी ओवरब्रिज पर जमा रहने का परिणाम रहा है कि बड़े वाहनों का पहिया पानी में पड़ने पर ओवरब्रिज से सटे रिहायशी मकान छींटे से सराबोर हो रहे हैं और पाइप का पानी बूंद-बूंद कभी दुकानदारों के ऊपर रिस रहा है तो कभी उत्तरी-दक्षिणी लेन पर। बृहस्पति वार को सुबह से जारी झमाझम बारिश का नतीजा यह है कि झिलिया पुल-गोपपुर से गिराई तक ओवरब्रिज झरने का रूप लेकर एनएचएआई की रणनीति की पोल खोलकर रख दिया। समाज सेवी धर्मेंद्र द्विवेदी ने कहा कि इसी तरह की मनमानी होती रही तो किसी भी दिन ओवरब्रिज के धराशाई होने पर देर नहीं लगेगा। दो दिन में ओवरब्रिज का स्थलीय निरीक्षण कर अधिकारियों ने समस्या का समाधान नहीं कराया तो आंदोलन छेड़ने की रणनीति जोर पकड़ लेगी। प्रदर्शन करने वालों में दिनेश अग्रहरि, विनोद सिंह, लालमणि गौतम, अशोक राजभर, कैलाश अग्रहरि, मनोज कुमार सिंह, अकरम खा, पप्पू जायसवाल समेत बड़ी संख्या में व्यापारी मौजूद रहे। मेंटेनेंस अधिकारी एनएचएआई वीरेंद्र कुमार कुशवाहा ने कहा कि मामला संज्ञान में आया है निरीक्षण कर समस्या का समाधान कराया जाएगा।